Prayagraj: '4 महीने के लिए यूपी में बना नया जिला', जानिए प्रयागराज से जुड़ी 10 खास बातें
Prayagraj : प्रयागराज में महाकुंभ-2025 की तैयारियों में पूरा प्रशासन जोर-शोर से जुटा हुआ है, 13 जनवरी से शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में प्रशासन कोई कोरकसर छोड़ना चाहता है और इसी कारण रविवार को योगी सरकार ने बड़ा फैसला किया है।
उन्होंने चार महीनों के लिए एक एक अस्थायी जिले का गठन किया है और इसका नाम उन्होंने महाकुंभ मेला है। आपको बता दें कि इस जिले में चार तहसील क्षेत्र जोड़े गए हैं।

जहां पर पुलिस चौकियां बनाई जाएंगी और डीएम, एसएसपी समेत सभी विभागों के पदों पर नियुक्तियां होंगी।इस जिले को बनाने का उद्देश्य सिर्फ एक ही है और वो ये कि महाकुंभ का आयोजन बेहद ही अच्छे ढंग से हो।
फिलहाल यहां हम आपको बताते हैं तीर्खों के राजा प्रयागराज के बारे में 10 रोचक तथ्य, जिन्हें जानना आपके लिए बहुत ज्यादा जरूरी है...
- प्रयागराज में गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती नदियों का संगम होता है, जिसे त्रिवेणी संगम कहते हैं। यह हिंदू धर्म में एक पवित्र स्थल माना जाता है। संगम का पानी नीला है, कहते हैं जो कोई भी संगम में स्नान करता है उसके सारे कष्टों का अंत हो जाता है।
- प्रयागराज दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक कुंभ मेले की मेजबानी करता है। यह मेला हर 12 साल में आयोजित होता है और इसमें करोड़ों श्रद्धालु आते हैं।
- प्रयागराज का पुराना नाम 'प्रयाग' था, जिसका अर्थ है 'यज्ञों का स्थान'। यह स्थान वैदिक युग से ही महत्वपूर्ण रहा है और इसका एक गौरवपूर्ण इतिहास भी रहा है।
- प्रयागराज में स्थित अकबर का किला मुगल वास्तुकला का एक उत्कृष्ट नमूना है। इसे अकबर ने 1583 में बनवाया था। जिसे देखने के लिए पर्यटक आते हैं।
- प्रयागराज में स्थित स्वराज भवन (आनंद भवन) भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। यह नेहरू परिवार का घर था।
- प्रयागराज को भारत के सबसे बड़े शैक्षिक और प्रशासनिक केंद्रों में गिना जाता है। यह यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करने वालों के लिए एक प्रमुख केंद्र है।
- उत्तर प्रदेश का इलाहाबाद हाईकोर्ट (अब प्रयागराज हाईकोर्ट) भारत के सबसे पुराने उच्च न्यायालयों में से एक है, जिसकी स्थापना 1866 में हुई थी।
- हर साल माघ महीने में संगम पर माघ मेला आयोजित होता है, जो धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद खास है।
- प्रयागराज को हिंदी साहित्य का गढ़ माना जाता है। यहाँ महादेवी वर्मा, सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' जैसे महान कवि और लेखक रहते थे।
- प्रयागराज अपने स्वादिष्ट भोजन, जैसे कचौरी, जलेबी और आलू सब्जी के लिए मशहूर है। यहाँ का इलाहाबादी अमरूद भी विश्व प्रसिद्ध है।












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