Padma Shri Award 2023: जोधाईया बाई बैगा को मिला पद्मश्री पुरस्कार, चित्रकारी से बनाई अपनी अलग पहचान
अंतरराष्ट्रीय चित्रकार स्वर्गीय आशीष स्वामी का देखा हुआ सपना साकार हो गया। उनकी शिष्या और 84 वर्षीय आदिवासी बैगा चित्रकार जोधइया बाई को पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

Padma Shri Award 2023: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बैगा चित्रकारी की आइकॉन बन चुकी 84 वर्षीय जोधइया बाई बैगा (Jodhaiya Bai Baiga) को राष्ट्रपति भवन में द्रोपति मुर्मू ने पदमश्री पुरस्कार (Padma Shri Award) से सम्मानित किया। सम्मान लेने के लिए दो दिन पहले जोधइया बाई बैगा जनगण तस्वीरखाना के संचालक निमिष स्वामी के साथ दिल्ली रवाना हो गई थीं। इससे पहले भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने जब बैगा जनजातीय कलाकार जोधइया बाई को पद्मश्री सम्मान देने की घोषणा की थी तो उन्हें इस पर विश्वास ही नहीं हुआ था।

जोधइया बाई उम्र के आखिरी पड़ाव यानी कि 55 साला की होने के बाद हाथों में स्याही ब्रश थामकर चित्रकारी करना शुरुआत किया था। उन्हें विश्व प्रसिद्ध चित्रकार स्वर्गीय आशीष स्वामी ने चित्रकारी करना सिखाया था। इसके बाद जोधइया बाई की चित्रकारी को देश-विदेश में सराहा जाने लगा। आशीष का सपना था कि जोधइया बाई की चित्रकारी के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा जाए।
जोधइया बाई आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से वह शोहरत हासिल कर चुकी है। जिसकी वे हकदार थीं। जोधइया बाई को पद्मश्री सम्मान मिलने से विंध्य क्षेत्र समेत मध्य प्रदेश के लोग भी गौरवान्वित हुए हैं।
जोधइया बाई अभी दिल्ली में ही हैं। वे कई कार्यक्रम में शामिल होंगी और इसके अलावा पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ लंच में भी शामिल होंगी। इसके बाद वे 27 मार्च को अपने ग्रह ग्राम पहुंचेंगी।













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