Mahakal lok के ऐतिहासिक लोकार्पण की तैयारी पूरी, जानिए क्या रहेगा खास?
उज्जैन, 9 अक्टूबर : मध्यप्रदेश की धरती पर 11 अक्टूबर को इतिहास रचने जा रहा है, जहां महाकाल लोक का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों संपन्न होगा। 11 अक्टूबर को होने वाले भव्य और दिव्य कार्यक्रम के आयोजन को लेकर सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं, जहां अब 11 अक्टूबर के उस दिन का इंतजार है जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने हाथों से महाकाल लोक का लोकार्पण कर इसे आमजन को समर्पित करेंगे। 11 अक्टूबर को धार्मिक नगरी उज्जैन आकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबसे पहले बाबा महाकाल के दर्शन और पूजन करेंगे, तत्पश्चात पीएम नरेंद्र मोदी महाकाल लोक का लोकार्पण करेंगे।

शहर की 2 कि.मी. परिधि नो फ्लाई झोन घोषित
शहर की 2 कि.मी. परिधि नो फ्लाई झोन घोषित
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 11 अक्टूबर को उज्जैन प्रवास तथा विभिन्न कार्यक्रमों में सहभागीता करेंगे। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी आशीष सिंह ने प्रधानमंत्री के प्रोटोकाल को ध्यान में रखते हुए जिले में स्थित हैलीपेड डी आर पी लाईन, सर्किट हाऊस, श्री महाकाल लोक, श्री महाकालेश्वर मंदिर, कार्तिक चौक सभास्थल सहित सम्पूर्ण उज्जैन शहर की 02 कि.मी. की परिधि को नो-फ्लाई झोन घोषित किया है। कलेक्टर ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। आदेश के तहत उज्जैन शहर में किसी भी तरह से बिना अनुमति के ड्रोन, यू.ए.वी., पतंग, गुब्बारे उड़ाना प्रतिबंधित किया गया है। यदि प्रतिबंध के बाद भी किसी व्यक्ति द्वारा उपरोक्त वस्तुओं को उड़ाया जाता है तो तुरन्त उक्त को नष्ट कर दिया जाएगा एवं संबंधित के विरुद्ध भा.द.सं. के अंतर्गत वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

प्रत्येक घर और मंदिर में जलेंगे दीप
प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह ने रविवार को 11 अक्टूबर को आयोजित होने वाले महाकाल लोक के लोकार्पण कार्यक्रम की आयोजन समिति की बैठक ली। मंत्री सिंह ने सभी उप समितियों के संयोजकों से कहा कि, महाकाल लोक के लोकार्पण के अवसर पर शहर के प्रत्येक घर में, मन्दिरों में दीप जलाये जायें। व्यापारिक प्रतिष्ठानों एवं दुकानों में रोशनी की जाये। घरों में रंगोलियां बनाई जायें। उन्होंने सभी पार्टी कार्यकर्ताओं को भी अपने घरों में सजावट करने एवं दीये जलाने के निर्देश दिये और कहा कि जिस व्यक्ति की जैसी क्षमता है, वे अपनी क्षमता के अनुसार उत्सव मनायें।

क्यूआर कोड स्कैन करते ही मिलेगी जानकारी
महाकाल लोक में बनी प्रतिमाएं, फव्वारे और आसपास की हरियाली आकर्षित करती है। कोबल्ड स्टोन की रोड क्रॉसिंग के जरिये पदयात्रियों की कनेक्टिविटी विकसित की गई है। पैदल चलते हुए शिव, देवी और श्रीकृष्ण से जुड़ी प्रतिमाएं नजर आती हैं। चित्रों के नीचे सम्बन्धित कथाएं भी अंकित की गई हैं। क्यूआर कोर्ड भी बनाये गये हैं, जिन्हें मोबाइल से स्केन कर कथा सुनी जा सकती है। इनमें शिव बारात का आकर्षक चित्रण किया गया है। एक शिल्प में कैलाश पर्वत को रावण ने उठा रखा है। कैलाश पर शिव परिवार भी विराजित है। एक शिल्प में देवी की नृत्य मुद्रा बनाई गई है।












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