Navratri 2023 की महाष्टमी पर उज्जैन कलेक्टर ने लगाया माता को मदिरा भोग, कुछ ऐसी है मान्यता
(संवाद सूत्र- उज्जैन से विमल बैंडवाल)
Navratri 2023 की महाष्टमी पर धार्मिक नगरी उज्जैन में नगर पूजन की परंपरा है। यह परंपरा मान्यता अनुसार माता मंदिर में की जाती है, जहां अपने हाथों से कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम माता रानी को मदिरा का भोग लगाते हैं।
नवरात्रि के पावन पर्व पर उज्जैन में परंपरा अनुसार 24 खम्मा माता पर महा अष्टमी के पर्व पर विशेष पूजा अर्चना की जाती है, और मदिरा का भोग लगाया जाता है।

कुछ ऐसी है परंपरा
उज्जैन के चौबीस खंबा माता मंदिर में सुबह से ही भक्तो का ताँता लगा हुआ है। यहाँ माता की पूजा राजा विक्रमादित्य करते थे। इसी परंपरा का निर्वाह जिलाधीश द्वारा किया जा रहा हें। यहाँ कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने माता को मदिरा का भोग लगाया महाअष्टमी पर नगरपूजा की जाती है। इसका प्रमुख कारण यह है कि, शहर में किसी भी प्रकार की कोई प्राकृतिक आपदा ना हो साथ ही सुख समृद्धि व खुशहाली बनी रहे। उज्जैन में राजा विक्रमादित्य के समय से नगर पूजा की परंपरा चली आ रही है। इस परम्परा का निर्वाह कलेक्टर द्वारा किया जाता है।
मदिरा की धार बहाई जाती है
नवरात्रि पर महाष्टमी के दिन वर्ष में एक बार जिला प्रशासन द्वारा नगर पूजा की जाती है। इस पूजा में लगभग 19 किलो मीटर तक मदिरा की धार लगाई जाती है, जो की शहर के कई देवी मंदिरों में जाती है। इस महापूजा में जिला प्रशासन के साथ-साथ कई श्रद्धालु पैदल चलते हैं और सुबह प्रारंभ होकर यह यात्रा शाम तक खत्म होती है। यह यात्रा उज्जैन के प्रसिद्ध चौबीस खंबा माता मंदिर से प्रारंभ होकर नगर भ्रमण के बाद ज्योर्तिलिंग महाकालेश्वर पर शिखर ध्वज चढ़ाकर समाप्त होती है। इस यात्रा की खास बात यह होती है कि एक घड़े में मदिरा को भरा जाता है, जिसमें नीचे छेद होता है जिससे पूरी यात्रा के दौरान सड़क मार्ग व देवी मंदिरों में मदिरा की धार बहाई जाती है। हर बार महापूजा में जिला कलेक्टर के साथ प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी व बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होते हैं।
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