Video: Mahashivratri 2023 पर Mahakal को रमाई भस्म, दरबार में लगा भक्तों का तांता
धार्मिक नगरी उज्जैन स्थित भगवान महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या भगवान महाकाल के दर्शन और पूजन के लिए पहुंची है। सुबह से ही श्रद्धालु कतार बंद होकर भगवान महाकाल के दर्शन और पूजन कर रहे हैं।

महाशिवरात्रि पर देशभर के शिवालयों में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या दर्शन और पूजन के लिए पहुंच रहे हैं, जहां धार्मिक नगरी उज्जैन स्थित भगवान महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या भगवान महाकाल के दर्शन और पूजन के लिए पहुंची है। सुबह से ही श्रद्धालु कतार बंद होकर भगवान महाकाल के दर्शन और पूजन कर रहे हैं। रात लगभग 2 बजे मंदिर के पट खोले गए, जिसके बाद भस्मआरती की शुरूआत हुई। प्रशासन और मंदिर प्रबंध समिति द्वारा ऐसी व्यवस्था की गई है, जिससे सुबह चार बजे से भस्म आरती के दौरान भक्तों ने बाबा चलित दर्शन व्यव्स्था के जरिए भगवान महाकाल के दिव्य दर्शनों का लाभ लिया।

पूजन - अर्चन का सिलसिला जारी
आम दिनों पर महाकालेश्वर मंदिर के कपाट सुबह 4 बजे होने वाली भस्म आरती के बाद श्रद्धालुओं के लिए खुलते हैं, लेकिन महाशिवरात्रि पर्व पर भगवान महाकाल मंदिर के कपाट तय समय से लगभग 2 घंटे पहले यानी रात 2:00 बजे से ही खुल गए हैं, जहां पुजारियों द्वारा किए गए पूजन अर्चन के बाद भगवान महाकाल श्रद्धालुओं को दर्शन दे रहे हैं। महाशिवरात्रि पर महाकाल मंदिर के पट खुलते ही सबसे पहले विभिन्न प्रकार के फलों के रस से बाबा महाकाल का स्नान करवाया गया, उसके पश्चात पूजन के पश्चात बाबा महाकाल को भस्म रमाई गई। लगभग 2:30 बजे से शुरू हुआ पूजन सुबह 4:30 बजे तक जारी रहा, जिसके बाद से आम श्रद्धालुओं के दर्शन की शुरुआत हुई। महाशिवरात्रि पर सतत 44 घंटे मंदिर के पट खुले रहेंगे, और बाबा महाकाल की चार पहर की पूजा अर्चना की जाएगी।

कुछ ऐसी है व्यवस्था
महाशिवरात्रि पर्व पर जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं मन्दिर प्रबंध समिति द्वारा श्रद्धालुओं के सुगम एवं सुरक्षित दर्शन करवाने हेतु व्यापक व्यवस्थाएं की गई है। श्रद्धालुओं को एक घंटे में दर्शन हो जायें, इस तरह की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। दर्शन में लगने वाले वेटिंग टाईम में विभिन्न स्थानों पर भजन मण्डली द्वारा भजन प्रस्तुत किये जायेंगे। आगन्तुक श्रद्धालुओं को पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मन्दिर में प्रवेश हेतु निर्धारित द्वार से प्रत्येक 200 मीटर दूरी पर पानी की बॉटल नि:शुल्क वितरित की जा रही है। साथ ही पार्किंग स्थल पर पीने के पानी के टेंकर खड़े किये गए हैं। गर्मी के मद्देनजर प्रवेश द्वार से लेकर निर्गम द्वार तक, निर्गम द्वार से जूता स्टेण्ड तक मेटिंग बिछाकर शामियाना लगाया गया है।

शिव ज्योति अर्पण कार्यक्रम का आयोजन
शिव ज्योति अर्पण कार्यक्रम महाशिवरात्रि के अवसर पर आयोजित होगा। इसमें शिप्रा तट के दोनों घाटों पर एवं नगर के विभिन्न देवालयों, चौराहों पर दीपोत्सव आयोजित होगा। 21 लाख दीप प्रज्वलन का लक्ष्य इस आयोजन के लिये रखा गया है। शिव ज्योति अर्पण कार्यक्रम में गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड स्थापित किया जायेगा। वर्तमान में सर्वाधिक दीप प्रज्वलन का रिकार्ड अयोध्या दीपोत्सव-2022 में 15 लाख 76 हजार दीप प्रज्वलित कर बनाया गया है। इस बार दीप प्रज्वलन का लक्ष्य बड़ा है। इस बार के कार्यक्रम में दीप प्रज्वलित करने के लिये 20 हजार वॉलेंटियर्स की आवश्यकता होगी।
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