Ujjain में चाइना डोर से नहीं कर सकेंगे पतंगबाजी, जानिए क्या है वजह
प्रदेश की धार्मिक नगरी कहे जाने वाले शहर उज्जैन में एक बार फिर चाइना डोर पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, जहां कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी आशीष सिंह ने दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के अन्तर्गत एक दिसम्बर को आदेश पारित कर चाइना डोर के निर्माण, क्रय विक्रय, उपयोग व भण्डारण पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। आदेश के उपरान्त कोई भी व्यक्ति पतंगबाजी में न तो नाइलोन डोर (चाइना डोर) का निर्माण करेगा, न ही क्रय विक्रय करेगा एवं न ही उपयोग करेगा और भण्डारण भी नहीं करेगा।

कलेक्टर ने दिए कुछ ऐसे आदेश
जानकारी के मुताबिक मकर संक्रांति पर्व पर पतंगबाजी हेतु ऐसी डोर का क्रय विक्रय और निर्माण करने के निर्देश दिये गये हैं, जिससे किसी भी व्यक्ति, पशु, पक्षी को किसी प्रकार की शारीरिक क्षति न पहुंचे। जारी किये गये आदेश का उल्लंघन भादंप्रसं की धारा 188 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध घोषित किया गया है। यह आदेश जारी होने के दिनांक के दो माह तक की अवधि के लिये प्रभावशील रहेगा। उल्लेखनीय है कि, उज्जैन जिले में वृहद स्तर पर पतंगबाजी की जाती है और पतंगबाजी में चाइना डोर का उपयोग अधिकता से किया जाता है। चाइना डोर के उपयोग से राहगिरों, पशु पक्षियों को चोट पहुंचने की घटनाएं घटित हुई हैं। इसलिये उक्त आदेश के तहत प्रतिबंध लगाया गया है, एवं प्रतिबंधों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिये गये हैं।
उज्जैन की पतंगबाजी प्रदेशभर में प्रसिद्ध
धार्मिक नगरी उज्जैन में मकर संक्रांति के पर्व पर पतंगबाजी का अपना अलग महत्व होता है, जहां पतंगबाजी करने देश और दुनिया से लोग धार्मिक नगरी उज्जैन पहुंचते हैं। धार्मिक नगरी उज्जैन में पतंगबाजी बेहद प्राचीन परंपरा है। यही कारण है कि, यहां मकर संक्रांति के पर्व पर पतंगबाजी की जाती है, लेकिन अक्सर पतंग बाजों द्वारा चाइना की डोर का उपयोग किया जाता है, जिससे पशु पक्षियों को नुकसान होने की संभावना अधिक रहती है। इसे ध्यान में रखते हुए लगातार पिछले कई सालों से मकर संक्रांति के पर्व पर चाइना डोर प्रतिबंधित कर दी जाती है, जहां अबकी बार भी चाइना डोर प्रतिबंधित कर दी गई है।












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