Mahakal Temple: उज्जैन के महाकाल मंदिर में जल्दी दर्शन कैसे करें, जानिए कितनी कीमत चुकानी होगी
उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं के लिए हाल ही में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने सामान्य दर्शनार्थियों के प्रवेश के नियमों में संशोधन किया है, जिससे अब श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए नए रास्तों से गुजरना होगा। आइए जानते हैं इस बदलाव के बारे में विस्तार से।
प्रवेश के नए नियम
अब तक श्रद्धालु महाकाल लोक, हरसिद्धि-बड़ा गणेश मंदिर के सामने और गेट नंबर एक से बिना किसी कठिनाई के मंदिर में प्रवेश कर सकते थे। लेकिन अब, गेट नंबर एक से केवल उन श्रद्धालुओं को प्रवेश की अनुमति होगी, जिन्होंने 250 रुपए की शीघ्र दर्शन टिकट खरीदी है। इस निर्णय का उद्देश्य दर्शनार्थियों की भीड़ को नियंत्रित करना और बेहतर व्यवस्था प्रदान करना है।

महाकाल मंदिर के प्रशासक, गणेश कुमार धाकड़ ने बताया कि पहले से तय किया गया था कि गेट नंबर एक से केवल शीघ्र दर्शन व्यवस्था होगी। हालांकि, बारिश के कारण सामान्य श्रद्धालुओं को भी इस गेट से प्रवेश दिया जा रहा था, लेकिन अब इस व्यवस्था में बदलाव कर दिया गया है।
- सामान्य श्रद्धालुओं के लिए नए रास्ते
- अब सामान्य श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश के लिए दो नए रास्तों से आना होगा:
महाकाल महालोक से: श्रद्धालु त्रिवेणी संग्रहालय के पास गेट से प्रवेश करते हुए मानसरोवर द्वार से फेसिलिटी सेंटर 1 होते हुए कार्तिक मंडपम की ओर बढ़ेंगे। फिर नई टनल की रेलिंग से गणेश मंडपम तक पहुंचकर दर्शन कर ओंकारेश्वर मंदिर के सामने से बाहर निकलेंगे।
हरसिद्धि-बड़ा गणेश मंदिर के सामने से: रामघाट, नृसिंह घाट, और चारधाम से आने वाले श्रद्धालु हरसिद्धि से बड़ा गणेश पहुंच मार्ग से शिखर दर्शन के सामने होकर मानसरोवर द्वार से, फेसिलिटी सेंटर 1 से मंदिर पहुंचेंगे। दर्शन के बाद वे निर्गम द्वार से बाहर आएंगे।
श्रद्धालुओं की प्रतिक्रिया
मंदिर में हुए इन बदलावों के कारण कई श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा है। कई भक्तों ने कहा कि पहले का प्रवेश आसान और सुविधाजनक था, लेकिन अब यह प्रक्रिया जटिल हो गई है। दिल्ली से आए मोहन सिंह ने कहा, "सुबह 10 बजे हम गेट नंबर एक पर पहुंचे, लेकिन वहां के गार्ड ने हमें रोक दिया और कहा कि अब हमें अंदर नहीं जाने दिया जाएगा। हमने पहले भी यहीं से प्रवेश किया है, लेकिन अब बदलाव किया गया है।"
राजस्थान से आए नवनीत राणा ने बताया कि उन्होंने भारत माता मंदिर की पार्किंग में गाड़ी पार्क की थी, लेकिन जब वे सीधे गेट नंबर एक पर पहुंचे, तो उन्हें बताया गया कि अब यहां से प्रवेश नहीं है। उन्हें फिर से महाकाल महालोक होकर जाना पड़ा। इसी तरह, भोपाल की राधा सिंह ने भी कहा कि दो महीने पहले वे गेट नंबर एक से आसानी से प्रवेश कर गई थीं, लेकिन इस बार उन्हें रोक दिया गया।












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