Ujjain news: क्षिप्रा नदी में सैंकड़ों मछलियों ने तोड़ा दम, परेशान साधु- संतों ने प्रशासन से की ये मांग
{संवाद सूत्र: उज्जैन से विमल बैंडवाल)
तीर्थ नगरी उज्जैन में शिप्रा नदी में टाटा प्रोजेक्ट के काम करने के कारण नदी का पानी रोक दिया गया हैं। इससे सैंकड़ों मछलियां मर गई हैं। मरी हुई मछलियां शिप्रा नदी में सड़कर बदबू का कारण बन रही हैं। पवित्र नदी शिप्रा में स्नान करने आने वाले श्रद्धालु इस बदबू से परेशान हो रहे हैं।
रहवासी मंगेश श्रीवास्तव ने बताया कि, साधु-संतो ने भी इस पर संज्ञान लिया हैं। 1008 महामंडलेश्वर मां मंदाकिनी पुरी महाराज ने कहा, शहर में इन दिनों टाटा प्रोजेक्ट की वजह से पूरे शहर में गड्ढे ही गड्ढे दिखाई दे रहे हैं। इससे श्रद्धालुओं और शहरवासियों को परेशानी हो रही हैं।

कुछ ऐसा है मामला
टाटा कंपनी द्वारा शिप्रा नदी का पानी रोक दिया गया है। इसकी वजह से शिप्रा नदी बड़े पुल के आगे सुख गई और बड़ी मात्रा में मछलियां मर गई। इससे बदबू दूर-दूर तक फैल रही है। मंगेश श्रीवास्तव के अनुसार टाटा प्रोजेक्ट के काम करने की वजह से छोटे पुल के आगे पाल बंद करके केडी पैलेस के आगे का पानी खोलने की वजह से नदी का बीच का हिस्सा सूख गया है। इससे मछलियां मर गई और बदबू फैल रही हैं। इस ओर जिला प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है। श्रीवास्तव ने मांग की है कि उज्जैन प्रशासन को इस ओर तुरंत ध्यान देना चाहिए ताकि श्रद्धालुओं को जो परेशानी हो रही है, वह तुरंत दूर हो सके। इस ओर अगर प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया तो साधु-संत ने कहा है कि, वे आने वाले दिनों में मजबूर होकर आंदोलन करेंगे।
नदी में मिल रहा गंदा पानी
प्रदेश की धार्मिक नगरी कही जाने वाली उज्जैन नगरी में इन दिनों श्रद्धालु शिप्रा नदी में गंदे पानी के मिल जाने से परेशान नजर आ रहे हैं। इससे पहले बारिश के दौरान भी कुछ अलग-अलग तरह के वीडियो वायरल हुए थे, जिसमें गंदे नाले का प्रवेश शिप्रा नदी के अंदर हो रहा था। वहीं इस वीडियो के वायरल हो जाने के बाद जमकर बवाल भी मचा था, तो वहीं फिर एक बार शिप्रा नदी में गंदे पानी के मिल जाने से नदी में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो रही है, जिससे मछलियां मर रही है। वहीं अब साधु-संतों ने प्रशासन से नदी की सफाई को लेकर मांग की है।
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