उज्जैन में पूर्व विधायक बहादुर सिंह से मारपीट: मंत्री गौतम टेटवाल के सामने हुआ विवाद, वायरल VIDEO ने मचाई हलचल
मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में शुक्रवार को एक विवादित घटना घटी, जब जिले के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल के सामने पूर्व विधायक बहादुर सिंह से मारपीट की गई।
इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसके बाद राजनीति और सामाजिक हलकों में हलचल मच गई है। इस विवाद ने एक बार फिर राज्य की राजनीति और स्थानीय नेताओं के बीच बढ़ते तनाव को उजागर किया है।

घटना का विवरण: लोकार्पण और भूमि पूजन के दौरान विवाद
यह घटना उस समय हुई जब मंत्री गौतम टेटवाल महिदपुर विधानसभा क्षेत्र में निर्माण कार्यों के लोकार्पण और भूमि पूजन के लिए पहुंचे थे। इस कार्यक्रम में बीजेपी नेता प्रताप सिंह आर्य और सांसद अनिल फिरोजिया भी उपस्थित थे। बोरिंग दूध प्लांट के बाहर आयोजित स्वागत समारोह में इन नेताओं का स्वागत किया गया।
इस कार्यक्रम के दौरान, पूर्व विधायक बहादुर सिंह चौहान को निमंत्रण नहीं दिया गया था, लेकिन उन्होंने कार्यक्रम में शिरकत करने का निर्णय लिया और मंच पर चढ़ गए। जब बहादुर सिंह मंच से नीचे उतरे, तो बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। यह घटना पूरी तरह से असामान्य थी क्योंकि कार्यक्रम में मौजूद मंत्री और अन्य प्रमुख नेता इस पूरी घटना के गवाह बने।
मारपीट के बाद स्थिति और पुलिस की भूमिका
मंच से उतरने के बाद जब बहादुर सिंह चौहान को कार्यकर्ताओं द्वारा पीटा गया, तो यह दृश्य बेहद तनावपूर्ण हो गया। हालांकि, पुलिस और वहां मौजूद अन्य लोगों ने तुरंत बीच-बचाव किया और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर सभी कार्यकर्ताओं को अलग किया और मामला शांत करने की कोशिश की। इस दौरान बीजेपी नेता प्रताप सिंह आर्य और बहादुर सिंह के समर्थकों के बीच भी तीखी नोकझोंक हुई, जिससे विवाद और भी बढ़ गया।

कांग्रेस का बीजेपी पर हमला: सीएम और मंत्री पर सवाल उठाए
इस घटना के बाद, कांग्रेस ने बीजेपी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ तीखा हमला किया है। कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर इस मारपीट का वीडियो शेयर करते हुए प्रदेश सरकार और बीजेपी पर गंभीर सवाल उठाए। कांग्रेस ने दावा किया कि यह घटना सत्ता की हनक और बीजेपी कार्यकर्ताओं के उग्र व्यवहार को दर्शाती है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इस घटना ने उज्जैन में कानून व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े किए हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और मंत्री गौतम टेटवाल से पूछा कि ऐसी स्थिति क्यों उत्पन्न हुई और उन्होंने इस मुद्दे पर कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की। "जब मंत्री के सामने इस तरह की हिंसा हो रही थी, तो वह मूक दर्शक क्यों बने रहे? क्या यह प्रदेश में बीजेपी के दबदबे का परिणाम है?" कांग्रेस ने यह भी कहा कि बीजेपी अब सत्ता का फायदा उठाकर विरोधियों को दबाने के लिए इस तरह की हिंसा को बढ़ावा दे रही है।
मंत्री गौतम टेटवाल का बयान: विवाद को नकारा
मंत्री गौतम टेटवाल ने इस पूरे मामले पर बयान देते हुए कहा कि उन्हें कोई जानकारी नहीं थी कि मंच पर चढ़ने के बाद पूर्व विधायक बहादुर सिंह के साथ इस तरह का विवाद हो सकता था। उन्होंने कहा कि यह घटना बिल्कुल अप्रत्याशित थी और वह इसके लिए जिम्मेदार नहीं थे। टेटवाल ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से सतर्क था। मंत्री ने यह भी कहा कि वे इस मामले में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई से संतुष्ट हैं और आगे इस मुद्दे को लेकर कोई औपचारिक बयान नहीं देंगे।
बीजेपी और कांग्रेस के बीच बयानबाजी जारी
इस घटना के बाद, बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। कांग्रेस ने इसे बीजेपी की "अराजकता" और "हिंसा के समर्थन" के रूप में प्रस्तुत किया, जबकि बीजेपी ने इसे एक व्यक्तिगत विवाद करार देते हुए सरकार को घेरने की कांग्रेस की कोशिश बताई।












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