रूस से 206 दिन बाद उदयपुर पहुंचा हितेंद्र गरासिया का शव, परिजनों का DNA टेस्ट से इनकार
उदयपुर, 8 फरवरी। रूस के मास्को में कमाने गए हितेंद्र गरासिया का शव 206 दिन बाद भारत पहुंचा है। राजस्थान के उदयपुर जिले के खेरवाड़ा में मंगलवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया।

लंबे सघर्षों के बाद जब हितेंद्र का शव भारत पहुंचा और ताबूत से बाहर आया तो पत्नी व बच्चों के आंसू बह निकले। उनको देख वहां मौजूद हर कोई शख्स अपने आंसू नहीं रोक पाया।
बता दें कि छह माह पहले रूस में हितेंद्र की हादसे में मौत हो गई थी। रविवार को दिल्ली होते हुए उनका शव जयपुर के एसएमएस अस्पताल पहुंचा था।
जयपुर के एसएमएस अस्पताल में मेडिकल टीम ने मृतक की पहचान के लिए सुबह साढ़े 11 बजे डीएनए सैंपल लिया, लेकिन इसके कुछ देर बाद ही मेडिकल टीम की मौजूदगी में परिजनों ने शव की शिनाख्त कर ली। इसके बाद डीएनए टेस्ट का फैसला टाल दिया गया।
पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया। रात आठ बजे शव उदयपुर के लिए रवाना किया गया। मंगलवार को खेरवाड़ा में हितेंद्र का अंतिम संस्कार किया गया।
बता दें कि हितेंद्र गरासिया रूस में मजदूरी करने गया था। वहां 17 जुलाई 2021 को हादसे में उसकी मौत हो गई। तब से पत्नी आशा व परिजन हितेंद्र का शव को भारत लाने की मांग कर रहे थे जबकि शव 3 दिसम्बर को मास्को की कब्र में दफन कर दिया गया था। भारत सरकार के दखल के बाद शव कब्र से बाहर निकाल हितेंद्र के घर पहुंचाया गया है।












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