कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए सीरो सर्वे कराएगा केरल, कोविड टेस्टिंग रणनीति में किया बदलाव
मंगलवार को देश भर में कोरोना वायरस के 30,941 नए मामले सामने आए। इसके अलावा कोरोना के कारण बीते 24 घंटे में 350 लोगों की मौत हुई। इन मामलों में सर्वाधिक मामले केरल से सामने आए।
तिरुवनंतपुरम, 31 अगस्त। मंगलवार को देश भर में कोरोना वायरस के 30,941 नए मामले सामने आए। इसके अलावा कोरोना के कारण बीते 24 घंटे में 350 लोगों की मौत हुई। इन मामलों में सर्वाधिक मामले केरल से सामने आए। सोमवार को केरल में कोरोना के 19,622 नए मामले सामने आए और 132 लोगों की मौत हुई। नए मामलों के साथ केरल में कोरोना के कुल मामले बढ़कर 40,27,030, जबकि मौत का कुल आंकड़ा 20,673 हो गया है। वहीं, रविवार को राज्य में कोरोना के 29,836 मामले दर्ज हुए जबकि 75 लोगों की मौत हो गई। इससे एक दिन पहले केरल में कोरोना के 31,265 मामले सामने आए थे, जबकि 153 लोगों की मौत हो गई थी।

त्रिशूर से सामने आए सर्वाधिक मामले
केरल के त्रिशूर से कोरोना के सर्वाधिक मामले 3177 सामने आए, इसके बाद एर्नाकुलम में 2315 और कोझीकोड में 1916 मामले सामने आए। केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने इस बात की जानकारी दी।

सीरो सर्वे कराएगा केरल
राज्य में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकार ने रात्रि कर्फ्यू लगा दिया है और वायरस के खिलाफ लोगों की प्रतिरोधक क्षमता का निर्धारण करने और महामारी के प्रसार के जोखिम का आकलन करने के लिए एक सर्पोप्रिवलेंस अध्ययन कराने का फैसला किया है। केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज कहा कि कोरोना के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए राज्य सरकार ने सीरोप्रिवलेंस अध्ययन कराने की अनुमति दे दी है। उन्होंने कहा कि सीरोप्रिवलेंस अध्ययन यह पता लगाने के लिए किया जा रहा है कि कितने लोगों को टीका लगाया गया है और वे वायरस के खिलाफ इम्युनिटी हासिल करने में कितने सक्षम हैं। इससे यह पता लगाना भी संभव होगा कि कितने और लोगों को इस बीमारी के होने का खतरा है।

कोरोना टेस्टिंग रणनीति में किया बदलाव
उन्होंने कहा कि सीरोप्रिवलेंस अध्ययन से राज्य द्वारा किए जा रहे कोविड निवारक उपायों को मजबूत करने में मदद मिलेगी। पिछले ICMR सीरोप्रिवलेंस अध्ययन में पाया गया कि केरल में 42.07 प्रतिशत लोगों ने कोरोना के खिलाफ प्रतिरक्षा हासिल कर ली थी। राज्य में सबसे कम संक्रमित लोगों की संख्या केरल में थी। तब से राज्य में टीकाकरण में काफी प्रगति की है। इसलिए राज्य द्वारा की गई सीरोप्रिवलेंस स्टडी बहुत महत्वपूर्ण है। जॉर्ज ने कहा कि इस सर्वे के तहत राज्य में 18 साल से ऊपर के लोगों, गर्भवती महिलाओं, 5-17 साल की उम्र के बच्चों, 18 वर्ष से ऊपर के आदिवासी और तटीय क्षेत्रों में रहने वाले और झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों को कवर किया जाएगा। सीरोप्रिवलेंस स्टडी के अंतर्गत एंटीबॉडी टेस्ट के आधार पर यह पता लगाया जाता है कि कोरोना के लड़ने के लिए कितने लोगों के पास एंटीबॉडी है। इसके अलावा केरल ने अपनी कोरोना टेस्टिंग रणनीति में भी बदलाव किया है। इसके अलावा केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा है कि कोरोना की वर्तमान स्थिति को लेकर 1 सितंबर को विशेषज्ञों की मीटिंग बुलाई जाएगी और उनके सुझाव के आधार पर रणनीति बनाई जाएगी।












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