Marriage Registration: मौत के बाद भी मिलेगा दंपती की शादी का सर्टिफिकेट, बच्चे के हित में केरल सरकार का फैसला
सरकारों का फैसला कई बार हैरानीभरा होता है। ताजा घटनाक्रम में केरल में मुख्यमंत्री पिनारई विजयन की सरकार ने दंपती की शादी का रजिस्ट्रेशन मौत के बाद भी कराने की अनुमति दे दी है।
केरल सरकार ने तिरुवनंतपुरम में रहने वाले दिवंगत जोड़े के विवाह पंजीकरण की अनुमति देते हुए कहा कि बच्चे को सरकारी सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था, क्योंकि शादी की कानूनी वैधता वाले दस्तावेज उसके पास नहीं थे।

खबरों के अनुसार, तिरुवनंतपुरम में हुए इस असाधारण निर्णय में केरल के स्थानीय स्वशासन विभाग ने तिरुवनंतपुरम के एक मृत जोड़े के विवाह पंजीकरण की अनुमति दी।
दंपती के बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र बनाने में अड़चन न आए, तेजी से उसके दस्तावेज निर्गत किए जा सकें, इस मकसद से लिए गए अनोखे फैसले के बारे में संबंधित अधिकारियों ने कहा कि अपने माता-पिता की शादी की कानूनी वैधता वाले डॉक्यूमेंट के अभाव में बच्चा सरकारी सेवाओं का लाभ लेने से वंचित रह गया।
दिवंगत एस अजित कुमार और दिवंगत जॉली पी दास की शादी 2008 में हुई थी। मुल्लूर में सी.एस.आई चर्च में हुई शादी के बारे में न तो पंचायत को सूचित किया गया और न ही दोनों ने शादी का पंजीकरण कराया। 2012 में जॉली चल बसीं और 2018 में अजित कुमार की भी मृत्यु हो गई।
जब जॉली के पिता ने दंपति के बेटे के शैक्षिक उद्देश्यों के लिए विवाह प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया, तो आवेदक को बताया गया कि प्रमाणपत्र जारी करने के लिए सरकार से विशेष अनुमोदन की जरूरत है।
इसके बाद मामला सरकार के ध्यान में लाया गया। मौत के बाद शादी के पंजीकरण के इस अनोखे मामले में सरकार ने पांच साल पहले चल बसे दंपती की शादी को पंजीकृत करने और बच्चे के हित में कानूनी बाधा दूर करने पर सहमत हो गई।












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