केरल के इस गांव के ग्रामीणों ने समझा अंगदान 'महादान', 6 दिनों में 400 लोग हुए सहमत
तिरुवनन्तपुरम, 19 अगस्त: हर साल 13 अगस्त को विश्व अंग दान दिवस मनाया जाता है। ऐसे में इस दिन लोगों को अंगदान के बारे में बताया और जागरूकता बढ़ाना है। इस बीच केरल से एक बेहद एक सुखद खबर सामने आई है, यहां के एक गांव में छह दिन में 400 लोग अंगदान के लिए राजी हो गए। दरअसल ठेंगाम गांव मुख्य रूप से कई प्रकार की फसलों और डेयरी फार्मिंग के लिए जाना जाता है। लेकिन अब यह गांव अंगदान करने वालों का गांव बनने की तैयारी में है।

जानकारी के मुताबिक 13 अगस्त को विश्व अंग दान दिवस के मौके पर थेंगमम के 55 युवाओं के एक ग्रुप ने जिला चिकित्सा कार्यालय और नेहरू युवा केंद्र (एनवाईके), पठानमथिट्टा की मदद से इसे अंग दाताओं का गांव बनाने के लिए एक अभियान शुरू किया। जिसके बाद अदूर तालुक का ठेंगाम गांव के लोगों ने बहुत ही कम समय में 400 से अधिक ग्रामीणों ने अंगदान करने के लिए हामी भर दी। इस कार्यक्रम का संचालन फ्रेंड्स संस्कारिका वेदी द्वारा किया जा रहा है, जो पिछले 23 वर्षों से गांव में कार्यरत एक कला और खेल क्लब है।
गांव में 500 से अधिक परिवारों में लगभग 1,500 सदस्य निवासी हैं। फ्रेंड्स संस्कारिका के अध्यक्ष अनु सी ठेंगम ने बताया कि हमें इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी कि जब हमने मुख्य रूप से 18 से 55 वर्ष के बीच के ग्रामीणों को अंग दाताओं के रूप में सूचीबद्ध करने के लिए अभियान शुरू करने का फैसला किया, तो हमें किस तरह की प्रतिक्रिया मिलेगी। हमारे ग्रामीण अंगदान के महत्व से अनजान थे। हमारी जानकारी में यहां किसी ने अंगदान नहीं किया है, लेकिन हमारी पहल को अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। अब तक 400 लोग मृत्यु के बाद अंगदान करने की इच्छा व्यक्त करते हुए आगे आ चुके हैं।
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि हमारे डोर-टू-डोर अभियान के दौरान अंगदान के संबंध में लोगों के बीच संदेह, अंधविश्वास को भी दूर किया है। वहीं बताया कि संगठन और जिला चिकित्सा कार्यालय पूरा सहयोग कर रहा हैं। उन्होंने बताया कि हम राज्य सरकार के मृत्युसंजीवनी कार्यक्रम के तहत अंगदान की इच्छा रखने वाले लोगों की डिटेल और तस्वीरें एकत्र करते हैं और फिर उनको वेबसाइट पर अपलोड करते हैं।












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