सूरत: कमिश्नर से मिले मृत 22 स्टूडेंट्स के पेरेंट्स बोले- हमारे बच्चे तो बिछुड़ गए, अब फिर कहीं ऐसी आग न लगे
surat Fire Tragedy News, सूरत। गुजरात में सूरत के तक्षशिला आर्केड बिल्डिंग में चल रहे कोचिंग सेंटर में 24 मई को लगी भीषण आग में 22 बच्चों की मौत हो गई। इस अग्निकांड के बाद हर रोज कोई न कोई चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। इसी बीच मृतक स्टूडेंट्स के अभिभावकों ने पुलिस कमिश्नर सतीश शर्मा से मुलाकात की। सभी अभिभावकों ने अपने बच्चों की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों पर शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की, साथ ही इस कांड जांच धीमी होने का भी आरोप लगाया। उन्होंने मुख्यमंत्री विजय रूपाणी को भी पत्र लिखा।

मृत 22 बच्चों के पेरेंट्स ने किए कमिश्नर से सवाल
अभिभावकों ने कमिश्नर से सवाल किया कि इस घटना के जिम्मेदार जीईबी पालिका के अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? इसके अलावा फायर ब्रिगेड के पास संसाधनों का अभाव और देर से पहुंचने के मामले में क्या किया गया? हमारे मासूमों की मौत के सभी जिम्मेदारों को कब सजा मिलेगी? एक मृतक ग्रीष्मा के पिता जयसुख मनसुख गजेरा ने कहा कि सरथाणा के टोल टैक्स नाके के पास तक्षशिला आर्केड में लगी भीषण आग में हमने अपने बच्चों को खो दिया। हमें अपने बच्चों के बिछुड़ जाने का गम है, पर ऐसी दुर्घटना फिर कभी नहीं होनी चाहिए, ये व्यवस्था भी हो।

9 लोग किए गए गिरफ्तार
संवाद सूत्रों के मुताबिक, अब तक कुल 9 लोग पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। पुलिस कमिश्नर सतीश शर्मा का कहना है कि बिल्डिंग के पार्टनर रविन्द्र कहार, सूरत कॉर्पोरेशन के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर पी डी मुन्शी, जयेश सोलंकी समेत डीजीवीसीएल के नायब इंजीनियर दिपक नायक अरेस्ट किए गए हैं।

इनसे पहले फायर ऑफिसर संजय आचार्य और कीर्ति मोढ़ को शुक्रवार को कोर्ट ने दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया था। क्राइम ब्रांच दोनों आरोपियों को बीते शुक्रवार को जब कोर्ट मे लेकर आई तो वे रुमाल से मुंह छिपाते नजर आए। डीजीवीसीएल के नायब इंजीनियर समेत 4 लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है। यह भी पता चला है कि पूरी बिल्डिंग का पावर कनेक्शन ही गैरकानूनी था।












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