गुजरात में हुआ नकली नोटों के रैकेट का पर्दाफाश, 317 करोड़ के नकली नोट बरामद, मास्टरमाइंड धरा गया
सूरत। गुजरात में नकली नोटों के रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। यहां सूरत जिले की पुलिस ने करोड़ों के नकली नोटों जब्त किए हैं। इन नोटों का मूल्य 317 करोड़ है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि, ये नोट अलग-अलग जगहों से जब्त किए गए। रैकेट का मास्टरमाइंड विकास जैन बताया जा रहा है। पुलिस ने विकास जैन सहित 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों पर आरोप है कि ये ब्लैक मनी को व्हाइट मनी में बदलने के लिए ट्रस्ट और आयोग के नाम पर लोगों से पैसों की ठगी कर रहे थे।

बुकिंग के नाम पर करोड़ों रुपए वसूल किए
पुलिस के अनुसार, पहले छापे में 25 करोड़ रुपए के नोट जब्त किए गए। गिरफ्त में आए आरोपियों की पहचान हितेश परसोत्तम कोटलिया, दिनेश लालजी पोशिया, विपुल हरिश पटेल, विकास पदमचंद जैन, दिनानाथ रामनिवार यादव और अनूष विरनची शर्मा के रूप में हुई है। पूरी कार्रवाई के तहत अलग-अलग जगहों से 317 करोड़ 98 लाख के नकली नोट जब्त किए गए हैं। इनमें 67 करोड़ के पुराने नोट भी शामिल हैं। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि, विकास जैन जब किसी व्यक्ति के साथ ट्रस्ट में दान करने के लिए डीलिंग करता था तो वह दान की रकम का 10% एडवांस बुकिंग के रूप में लेता था। उसके कई राज्यों में ऑफिस हैं। इन्ही के जरिए उसने ट्रस्ट का गलत तरीके से इस्तेमाल किया और नकली नोटों को असली बताकर बुकिंग के नाम पर करोड़ों रुपए वसूल किए।

2000 और 500 के नकली नोट मिले
पुलिस द्वारा कुछ समय पहले अहमदाबाद से मुंबई की तरफ जाने वाले रोड पर नवी पारडी गांव के पास एंबुलेंस से नकली नोट पकड़े गए थे। उस दौरान पुलिस ने 25 करोड़ 80 लाख रुपए के नकली नोट जब्त किए थे। वहीं, तीन लोगों को भी गिरफ्तार किया था। उन लोगों से पूछताछ के बाद 2 लोगों के घर छापा मारा गया। उसके बाद 52 करोड़ रुपए और 12 करोड़ रुपए के जाली नोट बरामद किए गए। जांच के दौरान अधिकारियों को 2000 और 500 के नकली नोट मिले।
कामरेज के नवी पारडी से पुलिस ने जामनगर के बीते 29 सितंबर को एक चैरिटेबल ट्रस्ट की एंबुलेंस से करोड़ों के नकली नोट जब्त किए थे। उस मामले में एंबुलेंस के चालक हितेश के घर के पीछे छिपाए गए 52 करोड़ से ज्यादा नकली नोट बरामद किए गए। तब जांच के दौरान अधिकारियों को 2000 और 500 के ही नकली नोट मिले और मुंबई के मुख्य सूत्रधार का नाम सामने आया। वहीं, उक्त मामले में वीआरएल लॉजिस्टिक आंगड़िया कंपनी के मालिक विकास जैन से जब पूछताछ हुई तो पूछताछ में उसने साथियों के नाम भी बताए, जिन्होंने दान करने के नाम पर लोगों के साथ नकली नोटों के बहाने असली नोट लेकर धोखाधड़ी की थी।

मास्टर माइंड मुंबई का विकास जैन
नकली नोट वाले रैकेट का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने मुंबई के मास्टर माइंड विकास जैन सहित 6 लोगों को गिरफ्तार किया था। उसके बाद यह खुलासा हुआ कि वे ब्लैक मनी को व्हाइट मनी में बदलने के लिए ट्रस्ट और आयोग के नाम पर लोगों से पैसों की ठगी कर रहे थे।












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