रोज 750 टन सूखे कचरे को जलाकर बनेगी 14.5 मेगावाट बिजली, गुजरात के शहर में होगा ऐसा
surat municipal corporation news, सूरत। गुजरात में सूरत महानगर पालिका ने ऐसा एमओयू किया है कि, लोग खूब तारीफ कर रहे हैं। शहर में महानगर पालिका कूडे़-कचरे से बिजली बनवाएगी। जी हां, यहां सूखे कचरे को जलाकर कार्बन डाइऑक्साइड से बिजली उत्पन्न कराई जाएगी। इसके लिए महानगर पालिका ने नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के साथ एमओयू किया है। इस करार के तहत रोजाना तकरीबन 750 टन कचरा जलाया जाएगा, जिससे 14.5 मेगावाट बिजली उत्पन्न हो सकेगी। ऐसा जल्द ही होने जा रहा है एमएनपी एवं एनटीपीसी की आपसी तैयारियों की वजह से। एनटीपीसी क्वास के प्लांट के महाप्रबंधक देवब्रत पॉल ने खुद प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी जानकारी दी है।

देवब्रत पॉल ने कहा कि एनटीपीसी अब थर्मल आधारित बिजली उत्पादन की प्रक्रिया को कम करके अक्षय ऊर्जा उत्पादन की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि, बिजली पैदा करने के लिए रोज सूरत महानगर पालिका से 750 टन सूखा कचरा लिया जाएगा। जिसे जलाने से उत्पन्न कार्बन डाइऑक्साइड निकलेगी और फिर रोजाना लगभग 14.5 मेगावाट बिजली बन सकेगी। पॉल बोले कि, सूरत में इस तरह से तैयार होने वाली बिजली की आपूर्ति करने के लिए एक वितरण चैनल स्थापित करने का प्रस्ताव है। वहीं, 1 मेगावाट का फ्लोटिंग सोलर प्लांट भी लग चुका है, जिसका विस्तार कर 56 मेगावाट बिजली उत्पादन किया जाएगा।
अधिकारी के मुताबिक, सूखे कचरे को जलाकर कार्बन डाइऑक्साइड से पैदा होने वाली बिजली यूं तो महंगी होगी, लेकिन कचरे को निपटाने का इससे बढि़या तरीका भी नहीं है। सूरत शहर में रोज सैकड़ों टन कचरा एकत्रित किया जाता है और शहर से बाहर पहुंचाया जाता है। लोगों के लिए इस कचरे का सही इस्तेमाल किए जाने की तैयारी चल रही है। बताया जा रहा है कि, शहर में 240 करोड़ की लागत के सोलर प्लांट स्थापित होने हैं। जिनसे अगले वर्ष 56 मेगावाट बिजली बनाएंगे।












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