WFI के सस्पेंशन के बाद भारतीय पहलवानों को करनी होगी न्यूट्रल फ्लैग के तले रेसलिंग
भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) को कुश्ती की दुनिया की सबसे बड़ी संस्था, यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) ने समय पर चुनाव ना कराने के चलते सस्पेंड कर दिया है। ये चेतावनी कुछ समय पहले से दी जा रही थी। अब भारतीय पहलवान आगामी विश्व चैंपियनशिप में राष्ट्रीय ध्वज के साथ कंपीट नहीं कर पाएंगे। उन्हें न्यूट्रल एथलीट के रूप में प्रतियोगिता करनी होगी।
UWW ने अप्रैल में चेतावनी दी थी कि अगर समय सीमा से पहले चुनाव नहीं हुए तो WFI को निलंबित किया जा सकता है। इस सस्पेंशन की घोषणा विश्व चैंपियनशिप ट्रायल्स से एक दिन पहले पटियाला में की गई थी।

हालांकि, WFI के निलंबन के बावजूद, भारतीय पहलवान 23 सितंबर से शुरू होने वाले एशियाई खेलों में राष्ट्रीय ध्वज के तहत प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं। पीटीआई समाचार एजेंसी के अनुसार इन खेलों में भारतीय दल रेसलिंग दल को भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) द्वारा भेजा जा रहा है, ना की WFI के द्वारा।
इस सस्पेंशन ने अंतरिम पैनल के अंदर के आंतरिक संघर्षों को उजागर किया है, जिसमें पैनल के सदस्य में पारदर्शिता की कमी का संकेत मिलता है। सही तरह से प्रबंधन ना होने के चलते WFI के समय पर चुनाव नहीं हुए।
WFI को शुरू में 7 मई को चुनाव कराने की योजना थी। हालांकि, कई असंतुष्ट स्टेट बॉडी की कानूनी शिकायतों और अदालत के स्टे के कारण, चुनावों को बार-बार स्थगित किया गया था।
यह गड़बड़ी तब हो रही है, जब भारतीय कुश्ती में हालिया सफलताओं ने चीजों को बेहतर किया है। राष्ट्रीय महिला टीम ने हाल ही में अंडर-20 विश्व चैंपियनशिप में पहली बार टीम का खिताब जीता है, जिसमें जापान और अमेरिका जैसे शक्तिशाली देशों को हराया है।
भविष्य में, WFI को अपने देश का प्रतिनिधित्व करने और अंतरराष्ट्रीय कुश्ती में हाल के उपलब्धियों को बनाए रखने के लिए कोई रास्ता खोजना होगा। ये समाधान ही तय करेगा कि भारतीय पहलवान प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपने देश का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं या नहीं।












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