Paris Olympics: मुक्के बरसेंगे तो दिखेगा जलवा, भारत को पेरिस में इन मुक्केबाजों से पदक की उम्मीद
Paris 2024: पेरिस ओलंपिक में क्वालीफाई करने के लिए भारतीय मुक्केबाजों के सामने एक मुश्किल समय आया था। पुरुष टीम ने निराश किया था। हांगझू में एशियाई खेल और वर्ल्ड क्वालीफाइंग टूर्नामेंट में पुरुषों का प्रदर्शन खराब रहा था। भारत ने छह ओलंपिक कोटा के स्थान हासिल किये।
स्थित में सुधार उस समय आया जब राष्ट्रमंडल खेलों के विजेता अमित पंघाल ने 51 किलोग्राम भार वर्ग और निशांत देव ने 71 किलोग्राम भार वर्ग में कोटा हासिल करते हुए भारत को अच्छी खबर थी। जैस्मीन ने 57 किलोग्राम भार वर्ग में स्थान पक्का कर लिया था।

मुक्केबाजी में भारत को पदक मिलने की उम्मीद है। ऐसे में कौन पदक जीत सकता है, यह एक बड़ा सवाल कहा जा सकता है। इस लेख में पदक के दावेदार कुछ मुक्केबाजों के बारे में जिक्र किया गया है। भारत को पेरिस में ये मुक्केबाज पदक दिला सकते हैं।
अमित पंघाल: राष्ट्रमंडल खेलों में अमित ने भारत को गोल्ड दिलाया था। ऐसे में उनसे पेरिस में उम्मीद की जा सकती है। वह 51 किलोग्राम भाग वर्ग में अपना जलवा दिखाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने बॉक्सिंग वर्ल्ड कप में भी गोल्ड मेडल अपने नाम किया था।
लवलीना बोरगोहेन: इस मुक्केबाज को कौन भूल सकता है। टोक्यो ओलंपिक में लवलीना ने भारत के लिए कांस्य पदक जीता था। इस बार भी उनसे पदक की उम्मीद रहने वाली हैं। एशियन चैम्पियनशिप 2021 में भी लवलीना ने कांस्य पदक अपने नाम किया था। वह 75 किलोग्राम भार वर्ग में मुकाबला करेंगी।
निखत जरीन: बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में निखत जरीन भारत का झंडा लहरा दिया था और गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया था। पेरिस में उनसे मेडल की उम्मीद की जा सकती है। एशियन गेम्स में उन्होंने लाईट फ्लाईवेट इवेंट में कांस्य पदक अपने नाम किया था।
निशांत देव: यह 23 वर्षीय मुक्केबाज अभी युवा है लेकिन धमाका करने में सक्षम है। 71 किलोग्राम भार वर्ग में निशांत देव अगर पदक हासिल करते हैं, तो यह एक बड़ी उपलब्धि होगी। उन्होंने आईबीए मेंस वर्ल्ड बॉक्सिंग में चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीता था।












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