'उस दिन मैं होश में नहीं था,' नीरज चोपड़ा ने ओलंपिक फाइनल को लेकर किया हैरान करने वाला खुलासा
Neeraj Chopra: पेरिस ओलंपिक में नीरज चोपड़ा का प्रदर्शन उम्मीद के अनुरूप नहीं रहा था और वह लगातार दूसरे ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीत पाने में नाकाम रहे थे। पाकिस्तान के अरशद नदीम ने लगभग 93 मीटर का थ्रो करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया था।
नीरज चोपड़ा का बेस्ट थ्रो 89.45 मीटर का रहा था। इसके बाद उनको रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा था। अपने अनुभव के बारे में बातचीत करते हुए नीरज चोपड़ा ने कुछ अहम बातों का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि इस फाइनल मुकाबले के दौरान क्या हुआ।

हरियाणा में "मिशन ओलंपिक 2036" कार्यक्रम में चर्चा के दौरान नीरज ने कहा कि पहला थ्रो मानसिकता पर प्रभाव डालता है। मेरा पहला थ्रो अच्छा था लेकिन बाद में एक फाउल आया। नया ट्रेक था इसलिए वहां फाउल से बचने का प्रयास करना पड़ रहा था। मुझे सफलता नहीं मिली।
नीरज ने आगे कहा कि अरशद ने उस दिन अच्छा थ्रो किया। हम बोलते हैं कि जोश के साथ होश भी रखना होता है। शायद उस दिन मेरा होश नहीं था, सिर्फ जोश ही था। मेरे अंदर यही गुस्सा था कि यह करना है और इसमें तकनीकी चीजें पीछे छूट गईं।
गौरतलब है कि नीरज ने टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड मेडल अपने नाम किया था लेकिन इसके बाद वह इसे बरकरार रखने में नाकाम रहे। इस तरह भारत को रजत पदक मिला। नीरज चोपड़ा ने इसके बाद डायमंड लीग में हिस्सा लिया था। वहां भी उनको दूसरे स्थान के साथ संतोष करना पड़ा था। हाल ही में वह अपने हाथ के चोट का इलाज कराकर आए हैं।












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