Explained: लियोनेल मेसी के इवेंट में भगदड़ और बवाल की 5 बड़ी वजह, क्यों मच गया हाहाकार?
Lionel Messi: भारत में फुटबॉल के प्रति जुनून और लियोनेल मेसी (Lionel Messi) की दीवानगी किसी से छिपी नहीं है। लेकिन जब अर्जेंटीना के इस फुटबॉल आइकॉन का 'G.O.A.T. Tour of India 2025' कोलकाता पहुँचा, तो उनके स्वागत का यह बड़ा इवेंट एक बड़े भगदड़ और अराजकता में बदल गया। साल्ट लेक स्टेडियम में जो घटनाएँ हुईं, उससे प्रशंसक निराश हुए और अधिकारियों को शर्मिंदगी उठानी पड़ी।
जो कार्यक्रम दो घंटे तक चलना था, वह आधे घंटे से भी कम समय में समाप्त हो गया। आइए, विस्तार से समझते हैं कि मेसी का कोलकाता इवेंट पूरी तरह से अव्यवस्था में क्यों बदल गया और इसके पीछे क्या मुख्य कारण रहे।

सिर्फ 20 मिनट की मौजूदगी और 2 घंटे का वादा
प्रशंसक लियोनेल मेसी की एक झलक पाने के लिए बड़ी संख्या में विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन (VYBK) स्टेडियम पहुँचे थे। आयोजकों ने प्रशंसकों को एक लंबा और यादगार इवेंट देने का वादा किया था। मेसी अपने इंटर मियामी टीम के साथी लुइस सुआरेज और रोड्रिगो डी पॉल के साथ स्टेडियम में केवल 20 मिनट के लिए ही मौजूद रहे। इवेंट का इतना छोटा होना फैंस की नाराजगी का सबसे बड़ा कारण बना।
प्रशंसकों से दूर, VIPs से घिरे रहे मेसी
NDTV की रिपोर्ट के अनुसार मेसी जब तक साल्ट लेक स्टेडियम में रहे, वह लगातार कई नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों से घिरे रहे। सुरक्षाकर्मियों और अधिकारियों की भीड़ इतनी ज़्यादा थी कि स्टैंड्स में बैठे हज़ारों प्रशंसक मेसी को ठीक से देख भी नहीं पाए। जिन फैंस ने दूर-दूर से आकर हज़ारों रुपये खर्च किए थे, उनके लिए यह नज़ारा बेहद निराशाजनक था।
लैप ऑफ़ ऑनर का अचानक कट जाना
मेसी को स्टेडियम में आने के बाद मैदान का एक 'लैप ऑफ़ ऑनर' (चक्कर) लगाना था, ताकि सभी को उनकी एक झलक मिल सके। लेकिन जैसे ही अव्यवस्था फैलनी शुरू हुई, सुरक्षा कारणों से इस लैप को तुरंत बीच में ही रोक दिया गया। मेसी को जल्दबाजी में स्टेडियम से बाहर ले जाया गया, जिससे फैंस का गुस्सा और भड़क उठा।
महत्वपूर्ण मीटिंग्स का होना
इस इवेंट में मेसी को सुपरस्टार अभिनेता शाहरुख खान, क्रिकेट लेजेंड सौरव गांगुली और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मिलना था। ये मुलाकातें इवेंट का एक बड़ा आकर्षण थीं, फैन्स से मुलाक़ात से ज्यादा समय तो इनमें लग गया।
गुस्साए फैंस ने फेंकी कुर्सियाँ और बोतलें
मेसी को न देख पाने और इवेंट के इतने जल्दी खत्म होने से दर्शक हताश हो गए। अपने गुस्से का प्रदर्शन करते हुए, निराश प्रशंसकों ने अधिकारियों को 'बू' करना शुरू कर दिया और स्टैंड्स से कुर्सियाँ और बोतलें फेंकनी शुरू कर दीं। इस तोड़फोड़ के कारण स्टेडियम के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुँचा, जिसने इवेंट को पूरी तरह से अराजकता में बदल दिया।
क्या कार्रवाई हुई
इतना बवाल होने के बाद कोलकाता पुलिस हरकत में आई और मुख्य आयोजक शताद्रू दत्ता को हिरासत में लेने का काम किया। तोड़फोड़ के बाद ही पुलिस की तरफ से यह कदम उठाया गया। मेसी इस अराजकता के माहौल में समय से पहले चले गए थे।












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