एशियन गेम्स में ड्रैगन की नई चाल? नॉर्थ ईस्ट की तीन एथलीट को नहीं दी Hangzhou जाने की परमिशन
Asia Games 2023: चीन के हांगझोऊ में 23 सितंबर से 8 अक्टूबर तक एशियन गेम्स का आयोजन होना है। इसके लिए कई टीमों पहले ही रवाना हो चुकी हैं। इस बीच खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले 11 सदस्यीय वुशू दल में से तीन खिलाड़ियों को राजधानी नई दिल्ली में रुकने के लिए मजबूर होना पड़ा, क्योंकि उन्हें यात्रा प्रमाण-पत्र नहीं मिला। जबकि टीम के अन्य खिलाड़ी हांगझोऊ पहुंच चुके हैं।
दरअसल, लिस्ट में शामिल टीम के अन्य एथलीट बिना किसी परेशानी के हांगझोऊ के लिए अपनी उड़ान में सवार हो गए, लेकिन तीनों एथलीट को ट्रेवल की इजाजत नही मिली, और न ही हांगझोऊ से आगे की यात्रा के लिए यात्रा प्रमाण-पत्र मिला। इन खिलाड़ियों में न्येमान वांगसु, ओनिलु तेगा और मेपुंग लाम्गु शामिल हैं, जोकि अरुणाचल प्रदेश राज्य से हैं।

इस संबंध में तीनों खिलाड़ियों ने गुरुवार दोपहर पूर्व केंद्रीय खेल मंत्री किरेन रिजिजू से मुलाकात की और परेशानी दूर करने का निवेदन किया। एशियाई खेलों में वुशु कार्यक्रम 24 से 28 सितंबर तक होने वाला है।
दरअसल, यह इस तरह का दूसरा मामला है। इससे पहले जुलाई में चेंगदू में विश्व विश्वविद्यालय खेलों में भाग लेने के लिए वांगसू, तेगा और लाम्गु को भी 'स्टेपल्ड वीजा' दिया गया था, जिसके बाद टीम ने इस कार्यक्रम को रद्द कर दिया था।
इस संबंध में एक सूत्र ने बताया कि, 'चीन में प्रवेश करने के लिए उनकी मंजूरी नहीं आई है। हम, महासंघ में खेलों के लिए उनके मान्यता कार्ड डाउनलोड करने में असमर्थ थे, जबकि टीम के बाकी सदस्य बिना किसी समस्या के अपने मान्यता कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।'
सूत्र ने आगे कहा कि, 'मान्यता कार्ड आपके वीजा के रूप में कार्य करता है इसलिए हमने उनके बिना जाने का फैसला किया, इस उम्मीद में कि वे प्रतियोगिता शुरू होने से पहले टीम में शामिल हो सकते हैं।'
सूत्र ने बताया कि, 'भारतीय दल के प्रमुख भूपेंदर सिंह बाजवा पहले ही एशियाई खेलों की आयोजन समिति के साथ इस मामले को उठा चुके हैं, जबकि भारत सरकार को भी मामले से अवगत कराया गया है। बाजवा हांग्जो में एथलीट विलेज पहुंच गए हैं और आयोजकों- एशिया ओलंपिक परिषद के साथ इस मामले पर चर्चा करेंगे।'
दरअसल, बाजवा और भारतीय ओलंपिक संघ के संयुक्त सचिव और कार्यवाहक सीईओ कल्याण चौबे ने कुछ समय पहले मान्यता हासिल करने में कुछ एथलीटों के सामने आने वाली दिक्कतों पर चर्चा करने के लिए दिल्ली में चीनी राजदूत से मुलाकात की थी।
इस समस्या को लेकर एक अनुमान ये भी लगाया जा रहा है कि चीन कई मौकों पर ये बता चुका है कि वह अरुणाचल प्रदेश को भारत का हिस्सा नहीं मानता, जबकि भारत ने चीन के इस दावे को लगातार खारिज किया है। सूत्रों के मुताबिक, इस मामले को अब कूटनीतिक तरीके से उठाने का फैसला किया गया है।












Click it and Unblock the Notifications