CWG 2022: जानें कौन हैं भारत को पहला सिल्वर दिलाने वाले संकेत, चोटिल होने के बाद भी गोल्ड के लिए लड़े

इंग्लैंड के बर्मिंघम में खेले जा रहे 22वें कॉमनवेल्थ गेम्स का आज दूसरा दिन है।

बर्मिंघम, 30 जुलाई: इंग्लैंड के बर्मिंघम में खेले जा रहे 22वें कॉमनवेल्थ गेम्स का आज दूसरा दिन है। गेम्स के पहले दिन 16 गोल्ड मेडल दांव पर थे और आज 23 स्वर्ण पदक पर फैसला होगा। भारतीय वेटलिफ्टर संकेत महादेव सरगर ने पुरुषों के 55 किलोग्राम भारवर्ग सिल्वर मेडल जीतकर पदक तालिका में भारत का खाता खोला। कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में यह भारत का पहला मेडल है। वहीं मलेशिया के मोहम्मद अनीद ने इसी कैटेगरी में गोल्ड जीता। महाराष्ट्र के सांगली के रहने वाले 21 साल के संकेत महादेव सरगर ने पिछले साल दिसंबर में हुई कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में नेशनल रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल जीता था। क्लीन एंड जर्क के दूसरे राउंड में चोटिल होने के बावजूद उन्होंने गोल्ड के लिए प्रयास किया, लेकिन वह सफल नहीं हुए। आइए जानते हैं इनके बारे में...

1 किग्रा का अंतर रहा

1 किग्रा का अंतर रहा

संकेत ने स्नैच के पहले ही प्रयास में 107 किग्रा, दूसरे प्रयास में 111 किग्रा और तीसरे प्रयास में 113 किग्रा वजन उठाया। वहीं क्लीन एंड जर्क के पहले प्रयास में उन्होंने 135 KG का वजन उठाया। लेकिन दूसरे और तीसरे प्रयास में वह विफल रहा। उन्होंने कुल 248 किलोग्राम वेट उठाया और वह दूसरे स्थान पर रहे। वहीं मलेशियाई वेटलिफ्टर मोहम्मद अनीद ने कुल 249 किग्रा वेट उठाया और सिर्फ 1 किग्रा के अंतर से संकेत से आगे निकल गए।

स्वतंत्रता सेनानियों को पदक समर्पित

स्वतंत्रता सेनानियों को पदक समर्पित

मेडल जीतने के बाद संकेत ने कहा, हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं। यह पदक आजादी दिलाने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को समर्पित करता हूं। उन्होंने कहा, "मैं खुश हूं लेकिन दुखी भी हूं क्योंकि मैं स्वर्ण पदक नहीं जीत सका। पिछले 4 सालों से मैंने स्वर्ण पदक के लिए तैयारी की लेकिन कोहनी की चोट के कारण इसे जीत नहीं पाया।" वहीं उनके पिता ने कहा कि मेरे बेटे ने भारत को पहला पदक दिया है इससे हम बहुत खुश हैं। पीएम मोदी ने भी ट्वीट कर संकेत के प्रयास की सराहना की है। वहीं खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने ट्वीट किया, संकेत ने 248 किग्रा भार उठाकर कॉमनवेल्थ गेम्स में 55 किग्रा भारवर्ग में गोल्ड जीता है और पदक तालिका में देश का खाता खोला है। वह गोल्ड जीतने से चूक गए, लेकिन भारत को आप पर गर्व है।

पापा चलाते हैं पान की दुकान

पापा चलाते हैं पान की दुकान

बता दें कि संकेत स्वभाव से काफी शर्मीले हैं। मुकाबलों के दौरान अपनी टीम के सपोर्ट स्टाफ के अलावा वह अन्य किसी से बात नहीं करते हैं। उनके पिता सांगली में पान की दुकान चलाते हैं। संकेत दुकान में पापा की मदद भी करते हैं। वह चाहते है कि अब उनके पिता आराम करें। संकेत ने इस साल फरवरी में सिंगापुर वेटलिफ्टिंग इंटरनेशनल में 256 किग्रा (स्नैच में 113 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 143 किग्रा) उठाकर कॉमनवेल्थ और राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ दिया था।

इतिहास के स्टूडेंट हैं संकेत

इतिहास के स्टूडेंट हैं संकेत

  • पिछले साल अक्टूबर में संकेत को एनआईएस पटियाला में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया था।
  • वह कोल्हापुर के शिवाजी विश्वविद्यालय में इतिहास के स्टूडेंट हैं।
  • संकेत ने खेलों इंडिया यूथ गेम्स 2020 और खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2020 में गोल्ड मेडल जीता था।
  • भारत के लिए पुरुषों में पिछली बार राष्ट्रमंडल खेलों में सतीश शिवलिंगम और रंगला वेंकट राहुल ने गोल्ड जीता था।
  • संकेत उस क्रम को जारी रखने में कामयाब नहीं हुए। वेटलिफ्टिंग 19वीं बार राष्ट्रमंडल खेलों में है।
  • पिछले साल दिसंबर में हुई कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में संकेत ने नेशनल रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल जीता था।

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