Pro Kabaddi League: प्रो कबड्डी लीग के दुर्भाग्यशाली कप्तान, नहीं जीत पाए कोई टाइटल
Pro Kabaddi League: किसी भी टूर्नामेंट में जब कोई खिलाड़ी कप्तानी करता है, तो सपना एक ही होता है कि टीम के लिए इवेंट का खिताब अपने नाम किया जाए। हालांकि हर समय यह सपना पूरा होने की संभावना नहीं होती है। कई बार उचित रणनीति, प्रयास के बाद भी सफलता नहीं मिलती।
प्रो कबड्डी लीग के आगामी सीजन में टीमों के बीच कड़े मुकाबले देखने को मिल सकते हैं। टाइटल अपने नाम करने के लिए मैदान पर जोरदार जंग होने वाली है। पटना पाइरेट्स सबसे सफल टीम है। तीन बार पटना ने खिताबी जीत हासिल की है।

जयपुर पिंक पैंथर्स ने दो बार टाइटल अपने नाम किया है। कुछ टीमों के पास धाकड़ कप्तान होने के बाद भी जीत दर्ज करने का मौका नहीं मिल पाया। उनका जिक्र इस आर्टिकल में किया गया है।
दीपक निवास हूडा
दीपक निवास के खेल में कभी कोई कमी देखने को नहीं मिली। कप्तानी की बात आते ही उनकी टीम को सफलता हाथ नहीं लगी। जयपुर पिंक पैंथर्स ने दो बार टाइटल जीता है लेकिन दीपक निवास की कप्तानी में हार का सामना ही करना पड़ा है। यही बात पुणेरी पलटन पर लागू होती है। दीपक निवास के जाते ही पुणेरी पलटन ने खिताब जीतकर धमाका कर दिया। दीपक निवास दुर्भाग्यपूर्ण कप्तान रहे हैं।
फजल अत्राचली
प्रो कबड्डी लीग में फजल अत्राचली ने कई टीमों की कप्तानी की है लेकिन जीत इनके किस्मत में भी देखने को नहीं मिली। हालांकि उनकी कप्तानी में टीमों ने फाइनल तक का सफर तय किया है लेकिन टाइटल हासिल नहीं हो पाया। उनके प्रदर्शन में कमी नहीं रही है लेकिन टीम फाइनल का दबाव सहन करने में नाकाम रही और हार गई। यू मुम्बा, गुजरात और पुणेरी पलटन की कप्तानी फजल अत्राचली ने की है।
पवन सहरावत
रेडिंग में प्रो कबड्डी के धांसू प्लेयर्स में पवन का नाम भी आता है। 1100 से ज्यादा रेड पॉइंट्स हासिल करने वाले इस खिलाड़ी के नसीब में भी कप्तानी के दौरान टाइटल नहीं आया। उनकी कप्तानी में टीमों को फाइनल खेलने तक का मौका नहीं मिला। बेंगलुरु बुल्स और तेलुगु टाइटंस जैसी टीमों की कप्तानी करने के बाद पवन को निराशा हाथ लगी।












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