Junior Asia Cup Final में पाकिस्तान को 2-1 से पटखनी, टीम इंडिया ने एशिया में कायम की बादशाहत
Junior Asia Cup final मुकाबला भारत 2-1 से जीता। राष्ट्रीय खेल हॉकी में एक बार फिर युवा खिलाड़ियों ने तिरंगे की शान बढ़ाई है। चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को मात देने वाली टीम इंडिया ने सफलता के नए आयाम स्थापित किए हैं।

Junior Asia Cup Final मैच में टीम इंडिया ने पाकिस्तान को चारो खाने चित्त कर दिया। हॉकी के प्रतिष्ठित टूर्नामेंट्स में एक एशिया कप को जीतने के बाद टीम इंडिया ने पूरे महाद्वीप में अपनी बादशाहत कायम कर ली है।
ओमान में खेले गए फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया के खिलाड़ियों ने शानदार कोऑर्डिनेशन का परिचय दिया और 90 मिनट की समयसीमा पूरी होने पर फाइनल स्कोर लाइन 2-1 रही।
भारत ने लगातार दूसरे साल एशिया कप जूनियर का टाइटल अपने नाम किया है। साल 2015 में भी भारत जूनियर एशियाकप फाइनल मुकाबले में प्रतिद्वंद्वी से बीस साबित हुआ था।
भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम ने ओमान के सलालाह में पुरुषों के जूनियर एशिया कप 2023 के रोमांचक फाइनल में पाकिस्तान को 2-1 से हराया। इंडिया की तरफ से अंगद बीर सिंह (13वें मिनट में गोल) और अरिजीत सिंह हुंदल (20वें मिनट में गोल) दागे।
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शुरुआती लीड के बाद भारत खेल पर हावी रहा, गोलकीपर शशिकुमार मोहिथ होनेनहल्ली ने भी कुछ शानदार गोल बचाए, जिससे अंत कर पूरे मैच में भारत आगे ही रखा। इस जीत के साथ, भारत ने पुरुषों के जूनियर एशिया कप में सबसे ज्यादा खिताब जीतने का नया रिकॉर्ड भी कायम किया।
टीम इंडिया ने इससे पहले 2004, 2008 और 2015 में खिताब जीता था जबकि पाकिस्तान 1988, 1992, 1996 में टूर्नामेंट जीत चुका है। इस जीत के साथ ही भारत मलेशिया में FIH मेन्स जूनियर वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई कर चुका है।
हॉकी इंडिया कार्यकारी बोर्ड ने खिलाड़ियों के लिए दो लाख रुपये और सहायक स्टाफ के लिए एक लाख रुपये नकद पुरस्कार की घोषणा की। टीम को बधाई देते हुए, हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप तिर्की ने कहा, "भारतीय जूनियर पुरुष टीम ने जूनियर एशिया कप में अपने नाबाद प्रदर्शन से हम सभी को बेहद गौरवान्वित किया है।"
उन्होंने कहा, पिछले कुछ महीनों में, विशेष रूप से जोहोर कप के सुल्तान में ऐतिहासिक जीत के बाद टीम इंडिया प्रमुख शक्ति बन गई है। अध्यक्ष दिलीप तिर्की के अनुसार, "मुझे विश्वास है कि यह बड़ी जीत उन्हें इस साल के अंत में होने वाले जूनियर विश्व कप के लिए अच्छी स्थिति में रखेगी। इस उपलब्धि के लिए खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ को उनके प्रयासों के लिए बधाई देता हूं।"

हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह ने भी टीम को उनके सफल अभियान पर बधाई दी। बता दें कि सेमी-फाइनल मैच में दक्षिण कोरिया के खिलाफ 9-1 की धमाकेदार जीत के दम पर फाइनल में पहुंचने वाली भारतीय ने आत्मविश्वास के साथ शानदार शुरुआत की।
उन्होंने शुरुआती गोल कर पाकिस्तान को बैकफुट पर धकेल दिया। उन्होंने घेरे में अपने विरोधियों की गलतियों को भुनाया और 13वें मिनट में अर्जित पेनाल्टी कॉर्नर पर गोल हुआ, जिससे पाकिस्तान और हताश होने लगा। अरिजीत सिंह हुंदल ने पेनाल्टी को गोल में कन्वर्ट किया।
खेल के दूसरे क्वार्टर में 20वें मिनट में अरिजीत के गोल ने पाकिस्तानी डिफेंस पर दबाव बनाने में मदद की। 2-0 की लीड के साथ तीसरे क्वार्टर में जाने वाली टीम इंडिया, को 38 वें मिनट में गोल बचाने में सफलता नहीं मिली और स्कोर लाइन 2-1 हो गया। पाक की तरफ से बशारत अली ने एक शानदार फील्ड गोल किया।
अंतिम क्वार्टर में पाकिस्तान को पेनाल्टी कॉर्नर के माध्यम से गोल करने के कई मौके मिले, लेकिन भारतीय गोलकीपर शशिकुमार मोहित होनेनहल्ली चट्टान की तरह अड़े रहे। उन्होंने कुछ सनसनीखेज बचाव किए।
इंडिया कोल्ट्स के कप्तान उत्तम सिंह जिन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया। उन्होंने कहा, "राउंड रॉबिन चरण में 1-1 से ड्रॉ के बाद, हम उन क्षेत्रों के बारे में बहुत जागरूक थे जिन्हें हमें पाकिस्तान को हराने के लिए अच्छा प्रदर्शन करना था। यह काफी कठिन था। नर्वस करने वाला फाइनल। टीम इंडिया इतनी बड़ी भीड़ के सामने कभी नहीं खेली थी।
भारत के कोच सीआर कुमार ने कहा, यह एक अच्छा टीम एफर्ट रहा। था। टीम ने ग्राउंड पर मौकों को भुनाया। हम कुछ और गोल भी कर सकते थे, लेकिन जब आप पाकिस्तान जैसे बड़े प्रतिद्वंद्वी से खेल रहे होते हैं तो बहुत दबाव होता है। दवाब में जिस तरह से खिलाड़ियों ने अपनी भावनाओं को नियंत्रित किया उससे मैं बहुत खुश हूं। टीम अपनी क्षमता के अनुसार खेली।












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