जोश और जुनून से भरी है मॉरीशस के लिंडसे रोज की कहानी, फुटबॉल में चुनौतियां पर खुलकर की बात
लिंडसे रोज़ की आंखें तब चमक उठती हैं जब आप उनसे पूछते हैं कि फ्रांस में अपने करियर के शिखर पर ज़्लाटन इब्राहिमोविक और करीम बेंजेमा जैसे खिलाड़ियों का सामना करना कैसा रहा। मॉरीशस के सेंटर-बैक, जिन्होंने फ्रांसीसी दिग्गज ओलंपिक लियोनिस के लिए खेला और फ्रांस अंडर-21 टीम की कप्तानी की, खेल के आधुनिक समय के दिग्गजों के बारे में जो अंतर्दृष्टि देते हैं, उससे आप मंत्रमुग्ध हो जाते हैं।
लिंडसे ने पीएसजी के खिलाफ लीग 1 मैच के दौरान स्वीडन के खिलाड़ी के साथ हुए मुकाबले को याद करते हुए कहा, 'करीम बेंजेमा अपने पैरों पर गेंद रखते समय शानदार और घातक हैं, आप उन्हें एक इंच भी दें, तो वह पूरा यार्ड ले लेते हैं, लेकिन ज़्लाटन इब्राहिमोविच, वह बिल्कुल अलग हैं। जब प्रतिभा और चतुराई का मेल होता है, तो आपको ज़्लाटन मिलता है।' फ्रांस में जन्मे बहुमुखी डिफेंडर, जो राइट-बैक के रूप में खेलने में भी सहज हैं, हंसते हुए कहते हैं कि, 'ज़्लाटन आपके दिमाग से खेलता है।'

हैदराबाद में इंटरकॉन्टिनेंटल कप 2024 में भारत बनाम मॉरीशस मैच के दौरान भारतीय फुटबॉलरों को निश्चित रूप से इसका स्वाद चखने को मिला, जब दुनिया की 179वें नंबर की टीम ने अपने से ऊंची रैंकिंग वाली प्रतिद्वंद्वी टीम को गोलरहित ड्रॉ पर रोका।
चुनौतियां और आकांक्षाएं
लिंडसे का सफ़र आसान नहीं रहा। अपनी प्रतिभा के बावजूद, पूर्णकालिक अनुबंध हासिल करने से पहले उन्हें कई बाधाओं का सामना करना पड़ा। लिंडसे बताते हैं, 'मॉरीशस में फ़ुटबॉल सिर्फ़ खेल तक सीमित नहीं है; कई खिलाड़ियों को ड्राइवर के तौर पर काम करना पड़ता है या दूसरी नौकरियां करनी पड़ती हैं।' यह वास्तविकता खिलाड़ियों के लिए सिर्फ़ फ़ुटबॉल पर ध्यान केंद्रित करना चुनौतीपूर्ण बनाती है।
2024 में लिंडसे ने अपनी टीम को हैदराबाद में एक उच्च रैंक वाले प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ महत्वपूर्ण ड्रॉ पर पहुंचाया। इस उपलब्धि ने उनके जैसे अर्ध-पेशेवर खिलाड़ियों की क्षमता को उजागर किया। वे कहते हैं कि, 'यह केवल कौशल के बारे में नहीं है; बल्कि समर्पण के बारे में भी है।
मॉरीशस में फुटबॉल संस्कृति
मॉरीशस में फुटबॉल की संस्कृति समृद्ध है, लेकिन इसमें अन्य देशों की तरह बुनियादी ढांचे का अभाव है। देश में 2,040 वर्ग किलोमीटर में फैले 28 स्टेडियम हैं, जो 1.3 मिलियन लोगों की आबादी को सेवा प्रदान करते हैं। इन सीमाओं के बावजूद, स्थानीय क्लब प्रतिभाओं को बढ़ावा देना जारी रखते हैं।
मॉरीशस फुटबॉल एसोसिएशन (एमएफए) इस खेल को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। एमएफए के अध्यक्ष फिलिप बुराही कहते हैं, 'हमारा लक्ष्य अपने खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और अवसर प्रदान करना है।' हालांकि, वित्तीय बाधाएं एक बड़ी बाधा बनी हुई हैं।
वित्तीय संघर्ष
मॉरीशस के कई फुटबॉल खिलाड़ी हर महीने करीब 450 अमेरिकी डॉलर (करीब 40,000 रुपये) कमाते हैं, जो खेल के प्रति पूर्णकालिक प्रतिबद्धता के लिए अपर्याप्त है। एक अन्य स्थानीय खिलाड़ी अर्चाद कहते हैं, 'हमारे जैसे छोटे देश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करना कठिन है।'
उन्होंने कहा कि, इन चुनौतियों के बावजूद, लिंडसे मॉरीशस फुटबॉल के भविष्य को लेकर आशावादी हैं। 'हमारे पास भले ही बेहतरीन सुविधाएँ या फंडिंग न हो, लेकिन हमारे पास जुनून और दृढ़ संकल्प है।'
अधिक ऊंचाइयों का लक्ष्य
लिंडसे की आकांक्षाएं स्थानीय सफलता से कहीं आगे तक फैली हुई हैं। उनका सपना शीर्ष लीग में खेलना और बड़े मंचों पर अपने देश का प्रतिनिधित्व करना है। वे आत्मविश्वास से कहते हैं, "मैं यह दिखाना चाहता हूं कि मॉरीशस के लोग उच्चतम स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं।"
उनकी यात्रा मॉरीशस के कई युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो उन्हें अपना आदर्श मानते हैं। वे मुस्कुराते हुए कहते हैं, "अगर मैं सफल हो सकता हूँ, तो वे भी सफल हो सकते हैं।"
आगे की राह चुनौतीपूर्ण है, लेकिन लिंडसे की कहानी दृढ़ता और उम्मीद की कहानी है। फुटबॉल के प्रति उनका समर्पण मॉरीशस और उसके बाहर कई लोगों को प्रेरित करता है।












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