'15 दिनों के लिए भूल जाओ सचिन के बेटे हो', योगराज सिंह ने अर्जुन को चंडीगढ़ में दी ऐसी ट्रेनिंग
अर्जुन तेंदुलकर ने रणजी ट्रॉफी सीजन से पहले चंडीगढ़ में युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह से ट्रेनिंग ली थी। योगराज अपने सख्त तौर-तरीकों के लिए जाने जाते हैं और अब उन्होंने अर्जुन को उनके शतक के लिए बधाई दी है।

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अर्जुन तेंदुलकर ने अपने फर्स्ट क्लास डेब्यू के दौरान शतक लगाकर भविष्य की उम्मीदों को धुंधला होने से बचाया है। उनको 23 साल की उम्र में अधिक पहचान नहीं मिली है। वे दुनिया के लिए अभी पिता की छाया में पल रहे शर्मीले लड़के, औसत क्रिकेटर और शरीफ बच्चे टाइप इमेज में बंधे हुए हैं। लेकिन लगता है अर्जुन पर्दे के पीछे काफी मेहनत कर रहे हैं ताकि वे अपना नाम बना सकें और पिता का नाम रोशन कर सकें। महानतम क्रिकेटरों में एक का बेटा होना बहुत ही भारी दबाव भरी जिंदगी है। हम सुनील गावस्कर के बेटे रोहण गावस्कर को देख चुके हैं जो क्रिकेटर के तौर पर कई साल खेले लेकिन इंडिया डेब्यू के बावजूद टीम में नहीं टिक पाए। (Photos Credit- Yograj Singh Instagram)

युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह
अर्जुन हार ना मानने वालों में से एक हैं और उनके पास दुनिया के बेहतरीन मार्गदर्शक मौजूद हैं। मुंबई इंडियंस की टीम उनको तराश रही है। वे बड़े खिलाड़ियों के साथ डगआउट साझा कर चुके हैं। अब गोवा के लिए शतक लगाने के बाद उम्मीद है आईपीएल में भी एक ऑलराउंडर के तौर पर किसी मैच में जगह मिल जाए। बात अब सिर्फ मिले मौकों को भुनाने की है। क्रिकेट में कंपटीशन बहुत बढ़ चुका है। चुनौतियां भी नई आई हैं और ये खेल काफी आगे जा चुका है। ऐसे में अर्जुन के लिए अच्छी बात ये है कि वे ऑलराउंडर के तौर पर आगे बढ़ना चाहते हैं। इस रणजी सीजन से पहले युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह ने महीनों पहले अर्जुन को ट्रेनिंग करते हुए देखा है।

योगदान सचिन को अपने बड़े बेटे जैसा मानते हैं
असल में सचिन तेंदुलकर ने खुद योगराज से अनुरोध किया था कि वे अर्जुन को ट्रेनिंग दें। योगदान सचिन को अपने बड़े बेटे जैसा मानते हैं। सभी जानते हैं योगराज ने युवराज को कितनी कठिन ट्रेनिंग दी थी और वो एक चैम्पियन को बनाने वाली ट्रेनिंग थी। युवराज आज भी मानते हैं उनके पिता कुछ ज्यादा ही सख्त रहे लेकिन पिता का कहना है कि इसका फायदा युवराज को ही मिला जिनके रूप में भारत को मिडिल ऑर्डर का एक चैम्पियन बल्लेबाज मिला।

युवराज सिंह का कॉल आया था
योगराज ने इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए बताया, सितंबर के पहले सप्ताह में मुझे युवी का कॉल आया, डैड अर्जुन दो सप्ताह के लिए चंडीगढ़ में होगा और सचिन ने अनुरोध किया है कि आप उसको ट्रेनिंग दे सकते हो? मैंने युवी से कहा, तुम मेरे ट्रेनिंग के तरीकों को जानते हो और मुझे किसी की दखलअंदाजी पसंद नहीं है।
योगराज ने कहा कि उन्होंने अर्जुन को सलाह दी वो अब भूल जाएं कि सचिन के बेटे हैं और अपनी बेस्ट मेहनत में ट्रेनिंग करने के लिए तैयार हो जाएं।
उन्होंने कहा, मैंने उससे कहा अगले 15 दिनों के लिए ये बिल्कुल भूलना होगा कि तुम सचिन के बेटे हो। मुझे लगा कोचों ने उसको सचिन का बेटा समझकर बहुत लाड़-प्यार से ट्रेनिंग दी। मैंने उसे कहा कि अपने पिता की छाया से बाहर निकलना होगा।

अर्जुन की बैटिंग पर ध्यान दिया
पूर्व गेंदबाज योगराज सिंह बताते हैं कि उन्होंने अर्जुन की बैटिंग पर ध्यान दिया क्योंकि ये वाकई में उनके लिए कमाल कर सकती है। उन्होंने कहा, जब मैंने उसे बैटिंग करते देखा, मुझे लगा ये लड़का विस्फोटक हो सकता है। मैंने तुरंत ही सचिन और युवराज को फीडबैक दिया। मैंने सचिन को कॉल किया और उनसे कहा कि वे अर्जुन की बैटिंग पर ज्यादा फोकस क्यों नहीं कर रहे हैं?
बता दें अर्जुन ने गोवा के लिए खेलते हुए राजस्थान के खिलाफ 207 गेंदों पर 120 रनों की पारी खेली और फिर गोवा क्रिकेट एसोसिएशन अकादमी ग्राउंड में हो रहे इस मुकाबले में दो विकेट भी लिए।












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