झूठी है यशस्वी जायसवाल के संघर्ष की ये कहानी? क्रिकेटर की जिंदगी बदलने वाले कोच ने किया हैरान करने वाला खुलासा
Yashasvi Jaiswal: टीम इंडिया के युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल क्रिकेट में आज जिस मुकाम पर हैं, यहां तक पहुंचने के लिए जायसवाल ने जमकर पसीना बहाया है। यशस्वी पिछले साल भारत में डेब्यू करने के बाद से शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। बाएं हाथ के बल्लेबाज ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट में दोहरा शतक बनाया और जीत में बड़ी भूमिका निभाई।
जब से जायसवाल एक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी के रूप में उभरे हैं, उनके क्रिकेटर बनने के पीछे की कहानी दिलचस्प रही है। उनके संघर्ष को लेकर ऐसी खबरों की भी भरमार रही कि उन्होंने अपने प्रारंभिक वर्षों के दौरान सोशल मीडिया का उपयोग नहीं किया, जिससे उन्हें अपने खेल पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिली।

यशस्वी की जिंदगी बदलने में ज्वाला सिंह की बड़ी भूमिका
यशस्वी को खरा सोना बनाने में उनके बचपन के कोच ज्वाला सिंह ने बहुत बड़ी भूमिका निभाई। ज्वाला सिंह ने एक किशोर यशस्वी को अपने यहां रखा और उसे न केवल एक क्रिकेटर बल्कि एक इंसान के रूप में विकसित होने में मदद की।
यशस्वी के दिमाग में 'नो सोशल मीडिया' मंत्र डाला
MyKhel के साथ एक विशेष बातचीत में ज्वाला सिंह ने बताया कि कैसे उन्होंने एक युवा यशस्वी के दिमाग में 'नो सोशल मीडिया' मंत्र डाला। इस बीच उन्होंने कुछ बड़े खुलासे भी किए।, जो फैंस को एक बार फिर क्रिकेटर के बारे में स्टडी करने को मजबूर कर सकते हैं।
2013 से 2022 तक कोच के साथ रहे जायसवाल
सिंह ने बताया कि, 'यशस्वी मुझसे दिसंबर 2013 में मिले थे और वह जनवरी 2022 तक मेरे साथ रहे। उस दौरान मैंने उन्हें हमेशा सोशल मीडिया का इस्तेमाल न करने की सलाह दी थी। मैंने उनसे कहा था कि, 'आपको उस तरह से प्रदर्शन करना होगा जहां मुख्यधारा की मीडिया आएगी और जहां तुम खुद को पेश करोगे। अगर तुम कुछ असाधारण करोगे तो वे तुम्हारे बारे में बात करेंगे।'
उन्होंने आगे कहा कि, 'मैं हमेशा उससे कहता था कि बहुत सारे अनावश्यक लोग तुम्हारे जीवन में आएंगे और वे तुम्हें विचलित कर देंगे। अब वह कुछ अवसरों पर सोशल मीडिया का उपयोग करता है, लेकिन जब मैं उसकी देखभाल करता था, तो मैंने उसका रवैया वैसा ही बना दिया था।'
ज्वाला सिंह ने MyKhel से एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा कि, टी20 विश्व कप करीब है और यशस्वी जयसवाल की नजर उस पर भी हो सकती है। आईपीएल 2024 भी आ रहा है और वहां अच्छा प्रदर्शन उनके लिए विश्व कप का दरवाजा खोल सकता है, लेकिन उनके कोच चाहते हैं कि खिलाड़ी भविष्य के बारे में ज्यादा सोचने के बजाय वर्तमान में रहें।
झूठी है यशस्वी जायसवाल के संघर्ष की ये कहानी?
कोच ने यशस्वी के भावनात्मक पक्ष पर भी खुलकर बात की और खिलाड़ी के संघर्ष पर प्रकाश डाला। पानीपुरी विक्रेता के रूप में यशस्वी की हमेशा से मौजूद कहानी खिलाड़ी के करियर में अपरिहार्य रही है, लेकिन ज्वाला सिंह का कहना है कि यशस्वी को वह खिलाड़ी बनाने के लिए उनकी ओर से बहुत प्रयास किया गया था, और पानीपुरी बेचने की कहानी गुमराह करने वाली है।
'उनके जीवन में गरीबी नाम की कोई चीज नहीं थी'
उन्होंने कहा कि, 'कभी-कभी मुझे निराशा होती है क्योंकि लोग कहते हैं कि वह और उसके पिता पानीपुरी बेचते थे। 17 दिसंबर 2013 से 12 जनवरी 2022 तक वह मेरे परिवार के साथ मेरे घर पर रहे। उस समय उनके जीवन में गरीबी नाम की कोई चीज नहीं थी। उससे पहले जब वह आजाद मैदान में एक तंबू में रहते थे, तब उन्होंने कुछ चीजें कीं। लेकिन उनके पिता कभी भी पानीपुरी विक्रेता नहीं थे।' 'मैं उसका कानूनी अभिभावक हूं और मेरे पास उसके माता-पिता के माध्यम से पावर ऑफ अटॉर्नी है। वह मेरे बेटे के रूप में मेरे साथ रहा।
इसलिए मुझे दुख होता है जब लोग कहते हैं कि वह पानीपुरी बेचता था। यह बिल्कुल झूठ है। वह एक अच्छी जगह पर रहा। उसे सुविधाएं मिलीं और हमने उस पर बहुत समय, पैसा और ऊर्जा निवेश की। एक भारतीय खिलाड़ी बनने के लिए आपको उन्नत सुविधाओं की आवश्यकता होती है, और उसे वह मिली। बहुत से लोग सोचते हैं कि वे पानीपुरी बेचेंगे और भारत के लिए खेलेंगे, जो पूरी तरह से गुमराह करने वाली कहानी है। इसलिए इस कहानी को रोकने की जरूरत है।
कोच ने कहा कि, 'वह अपनी कड़ी मेहनत, प्रतिभा, भाग्य और भगवान की कृपा के कारण खेल रहा है। लेकिन जब वह मेरे साथ रहा, तो उसके जीवन में कोई गरीबी नहीं थी,' ज्वाला सिंह ने विश्वास रखते हुए कहा कि उनका शिष्य आने वाले समय में और अधिक ऊंचाइयों तक पहुंचेगा।












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