World Cup 2023: 'कप्तानी में पसंद-नापसंद नहीं चलती...,' विश्व कप टीम चयन पर रोहित शर्मा ने दिया दो टूक जवाब
ICC ODI World Cup 2023: भारत की मेजबानी में होने जा रहे आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप की शुरुआत 5 अक्टूबर से हो रही है। टूर्नामेंट में रोहित शर्मा की अगुवाई वाली टीम 14 अक्टूबर को पाकिस्तान से भिड़ेगी। ऐसे में कप्तान रोहित शर्मा घरेलू विश्व कप में होने वाले भारी दबाव को समझते हैं और खुद को बाहरी बहस से दूर रखना चाहते हैं। इस बीच उन्होंने विश्व कप टीम चयन को लेकर खुलकर बात की।
रोहित शर्मा ने बेंगलुरु में एशिया कप कैंप में शामिल होने से ठीक पहले बातचीत के दौरान पीटीआई से कहा कि, मेरे लिए, यह महत्वपूर्ण है कि मैं खुद को कैसे तनावमुक्त रखूं और उन बाहरी चीजों के बारे में चिंता न करूं जो भूमिका निभाते हैं, चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक।'

उन्होंने पिछले संस्करण का जिक्र करते हुए कहा, 'मैं अच्छी स्थिति में था, अच्छी मानसिकता में था। मैं उन चीजों को वापस लाना चाहता हूं और मेरे पास ऐसा करने के लिए समय है। यह याद करने की कोशिश कर रहा हूं कि एक क्रिकेटर और एक व्यक्ति के रूप में 2019 विश्व कप से पहले मैं क्या सही चीजें कर रहा था। मैं व्यक्तिगत रूप से अपनी उस विचार-प्रक्रिया पर दोबारा गौर करना चाहता हूं।'
उन्होंने कहा, 'कोई व्यक्ति अपनी सफलता या असफलता से रातों-रात नहीं बदल सकता।' उन्होंने कहा कि, 'मुझे नहीं लगता कि एक परिणाम या एक चैंपियनशिप मुझे एक व्यक्ति के रूप में बदल सकती है। मैं पिछले 16 वर्षों में एक व्यक्ति के रूप में नहीं बदला हूं और मुझे नहीं लगता कि कुछ भी बदलने की जरूरत है।'
रोहित शर्मा ने कहा कि, 'मेरा और मेरी टीम का ध्यान इस बात पर होगा कि मैं अगले दो महीनों में अपने लक्ष्य कैसे हासिल कर सकता हूं। कोई व्यक्ति एक या दो महीने की अवधि में नहीं बदल सकता।'
दरअसल, रोहित को कोर ग्रुप के 18 सदस्यों में से कम से कम तीन को यह बताने का कठोर निर्णय लेना होगा कि वह विश्व कप के 15 सदस्यों की टीम का हिस्सा नहीं होंगे।
उन्होंने बताया कि, 'सर्वश्रेष्ठ संयोजन चुनते समय ऐसे लोग होंगे जो विभिन्न कारणों से टीम में शामिल नहीं हो सकेंगे। राहुल भाई (द्रविड़) और मैंने खिलाड़ियों को यह समझाने की पूरी कोशिश की है कि वे टीम में क्यों नहीं हैं।' उन्होंने कहा, 'हमने हर चयन और प्लेइंग इलेवन की घोषणा के बाद खिलाड़ियों से बात करने की कोशिश की है। हम उनसे आमने-सामने बात करते हैं कि उन्हें क्यों नहीं चुना गया।'
रोहित शर्मा ने वर्ल्ड कप 2011 की यादें ताजा करते हुए कहा कि, 'कभी-कभी, मैं खुद को उनकी जगह पर रखने की कोशिश करता हूं। जब 2011 में मुझे नहीं चुना गया, तब मुझे बहुत दुख हुआ था। और मुझे लगा कि विश्व कप टीम से बाहर किए जाने के बाद अब क्या बचा है?'
उन्हें यह स्वीकार करने में कोई झिझक नहीं थी कि कई बार उनका और द्रविड़ का फैसला गलत हो सकता है। कप्तान ने कहा कि, 'मैं, कोच और चयनकर्ता, पिच, हमारी ताकत, उनकी कमजोरियों जैसी सभी बातों को ध्यान में रखते हैं, इसके बाद ही आम सहमति पर पहुंचते हैं। इस बात की पूरी संभावना है कि हम हमेशा परफेक्ट नहीं होंगे।'
उन्होंने थोड़ा रुकते हुए कहा, 'आखिरकार, कुछ ही व्यक्ति निर्णय लेते हैं और हम इंसान होने के नाते गलतियां करने के लिए बाध्य हैं। हम हमेशा सही नहीं होंगे।' 'ऐसा नहीं है, मुझे यह व्यक्ति पसंद नहीं है, इसलिए मैं उसे हटा रहा हूं। कप्तानी व्यक्तिगत पसंद-नापसंद पर आधारित नहीं है।'
रोहित ने 2011 विश्व कप को याद करते हुए कहा कि, टीम की घोषणा के बाद मैं उदास था और अपने कमरे में बैठा था और नहीं जानता था कि आगे क्या करूं। मुझे याद है कि युवी (युवराज सिंह) ने मुझे अपने कमरे में बुलाया था और डिनर के लिए बाहर ले गए थे।'
रोहित ने आगे बताया कि, 'उन्होंने मुझे समझाया कि जब आपको बाहर कर दिया जाता है तो कैसा महसूस होता है। उन्होंने मुझसे कहा, 'सबसे अच्छी बात यह है कि आपके सामने बहुत साल हैं। जैसा कि हम विश्व कप में खेलते हैं, आप कड़ी मेहनत करने के बाद यह मौका लेते हैं।' अपने खेल और कौशल पर काम करने के बाद ही वापसी का मौका मिलता है, ऐसा कुछ नहीं है कि अब आप भारत के लिए नहीं खेलेंगे या विश्व कप में खेलने का मौका नहीं मिलेगा।'












Click it and Unblock the Notifications