Women's T20 World Cup 2023 : रेणुका ने अपनी रफ्तार और स्विंग से मचा दिया तहलका

महिला टी20 वर्ल्ड कप में भारत के लिए रेणुका सिंह ने इंग्लैंड के खिलाफ खतरनाक गेंदबाजी करते हुए 5 विकेट अपने नाम किये थे।

Renuka Singh

Women's T20 World Cup 2023: भारत की तेज गेंदबाज रेणुका ठाकुर ने अपनी रफ्तार और स्विंग से महिला टी-20 विश्वकप में तहलका मचा दिया है। भारत को सेमीफाइल तक पहुंचाने में उनकी अहम भूमिका है। इंग्लैंड के खिलाफ भारत नजदीकी मुकाबले में 11 रन हार गया लेकिन इस मैच में रेणुका ने अपनी फास्ट बॉलिंग से विपक्षी खेमे में दहशत फैला दी थी। मैच की तीसरी गेंद पर ही उन्होंने एक लाजवाब इनस्विंगर से डेनी वाट को जीरो पर आउट कर दिया था। उन्होंने तीसरे ओवर की पहली गेंद फिर इनस्विंगर डाली। इस बार एलिस कैप्सी क्लीन बोल्ड हो गयीं। रेणुका ने पांचवें ओवर की पहली गेंद पर फिर अपनी क्षमता दिखायी। ऑफ स्टंप पर पिच हो कर गेंद ने तेजी से कांटा बदला और सोफिया डंकले का लेग स्टंप उखड़ गया। ये एक शानदार लेग कटर था। इसके बाद उन्होंने अंतिम ओवर में एमी जोंस और कैथरिन को आउट किया। अब रेणुका का गेंदबाजी विश्लेषण था- 4 ओवर 15 रन 5 विकेट। दक्षिण अफ्रीका की तेज पिच पर रेणुका की रफ्तार विपक्षी बल्लेबाजों पर कहर बन कर टूट रही है।

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आइसीसी की टॉप पांच में अकेली फास्ट बॉलर

रेणुका ठाकुर ने महिला टी-20 विश्वकप में चार मैच खेल कर 7 विकेट लिये हैं। वे भारत की लीडिंग विकेटटेकर हैं। आइसीसी रैंकिंग (महिला टी-20) के टॉप पांच महिला गेंदबाजों में भारत की रेणुका सिंह अकेली तेज गेंदबाज हैं। यानी वे अभी दुनिया की नम्बर एक तेज गेंदबाज हैं। अभी वे पांचवें स्थान पर हैं। उनसे ऊपर की सभी चार गेंदबाज स्पिनर हैं। रेणुका ने अपने डेब्यू के दो साल बाद ही ये मुकाम हासिल कर लिया है। वे भारत की सबसे फिट महिला खिलाड़ी हैं। पुरुष टीम में जो स्थान विराट कोहली का है महिला क्रिकेट में वही स्थान रेणुका चौधरी का है। तेज गेंदबाजी के लिए उन्होंने अफनी फिटनेस पर बहुत मेहनत की है। उनमें गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराने की क्षमता है। लेग कटर्स उनकी स्पेशलिटी है।

रेणुका की रफ्तार, स्टंप तीन मीटर दूर जा गिरा

वैसे झूलन गोस्वामी को भारत की सबसे तेज महिला गेंदबाज माना जाता है। उन्होंने अधिकतम 128 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार निकाली है। रेणुका की रफ्तार 120 से 125 किलोमीटर प्रतिघंटे के बीच है। इस विश्वकप में उन्होंने अपनी रफ्तार का नमूना पेश किया। आयरलैंड के खिलाफ करो या मरो के मैच में उन्होंने गजब की तेज गेंदबाजी की। पहले ही ओवर में आयरलैंड ने रन आउट से पहला विकेट गंवा दिया था। रेणुका पहला ओवर डाल रही थीं। उनकी पांचवी गेंद को आयरिश बल्लेबाज ऑरला पेंडाग्रास्ट ने खेलने की कोशिश की। लेकिन गेंद इतनी तेज थी बल्ले से उसकी मुलाकात न हुई। गोली की रफ्तार से गेंद ऑफ स्टंप से टकरायी और वह उखड़ कर तीन मीटर दूर जा गिरा। यह एक अदभुत दृश्य था। रेणुका ने मैलकम मार्शल के स्टाइल में बल्लेबाज का डंडा उखाड़ा फेंका।

बेंगलुरू में विशेष ट्रेनिंग से बढ़ी स्पीड और फुर्ती

रेणुका ने पिछले साल राष्ट्रमंडल खेल प्रतियोगिता से पहले अपनी फिटनेस और बॉलिग स्पीड पर बहुत मेहनत की थी। किसी तेज गेंदबाज के लिए जरूरी है कि वह शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत रहे। रेणुका ने धर्मशाला के महिला क्रिकेट अकादमी में बहुत कुछ सीखा। लेकिन पिछले साल उन्होंने बेंगलुरु के राष्ट्रीय क्रिकेट एकेडमी में जो ट्रेनिंग ली उससे उनको बहुत फायदा मिला। हिमाचल प्रदेश की पहाड़ी आबोहवा में जन्म लेने के कारण वे नेचुरल एथलिट हैं। बेंगलुरू में आने के बाद उन्होंने रनिंग और वेटलिफ्टिंग से अपनी शारीरिक क्षमता बढ़ायी। मानसिक एकाग्रता के लिए विशेष प्रशिक्षण लिया। यहां आने के बाद उनकी स्पीड और गेंद पर नियंत्रण की क्षमता और बढ़ गयी। शोएब अख्तर अक्सर कहा करते हैं, अगर तेज गेंदबाज बनना है तो तुम्हारी कलाई, कंधे और पैरों में ज्यादा ताकत होनी चाहिए। इसके लिए वेटलिफ्टिंग सबसे बढ़िया कसरत है।

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    मेहनत कामयाब हुई

    इस मुकाम तक पहुंचने के लिए रेणुका ने बहुत संघर्ष किया है। जब वे तीन साल की थीं तब उनके पिता का निधन हो गया। तब उनकी मां को अनुकंपा पर सरकारी नौकरी मिली। फोर्थ ग्रेड की इस नौकरी से परिवार चलाना मुश्किल था। दूसरी तरफ रेणुका को क्रिकेट खेलने का शौक था। पैसे की तंगी उसके शौक के सामने दीवार बन कर खड़ी थी। मजबूरन उसे उधार के बैट-बॉल से क्रिकेट खेलनी पड़ी। जब हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में महिला क्रिकेट अकादमी खुला तो रेणुका की उम्मीदों को पंख लग गये। गांव की कठिनाइयों से निकल कर उसे अपने ही राज्य में सुविधाओं के बीच क्रिकेट खेलने का मौका मिला। फिर तो उसकी जिंदगी बदल गयी। आज वह दुनिया की प्रमुख तेज गेंदबाज बन चुकी है। तभी तो रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने उसे डेढ़ करोड़ रुपये में खरीद कर अपनी टीम से जोड़ था।

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