मोहम्मद शमी को पहली बार बॉलिंग करते देख धोनी के मुंह से निकले थे चार शब्द, ईशांत शर्मा ने बताया दिलचस्प किस्सा
भारत के अनुभवी गेंदबाज ईशांत शर्मा ने बताया है कि धोनी ने जब शमी को पहली बार गेंदबाजी करते देखा था तो उनके मुंह से चार शब्द निकले थे, जिसने शमी की जिंदगी को बदल दिया।
टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी इस वक्त अपनी खतरनाक गेंदबाजी की बदौलत भारतीय टीम का एक अहम हिस्सा बने हुए हैं। पिछले 3-4 सालों के अंदर शमी की गेंदबाजी में जो निखार आया है, उसने उन्हें तीनों फॉर्मेट का एक स्पेशल प्लेयर बना दिया है और यहां तक कि अब तो शमी बैटिंग पर भी अधिक ध्यान दे रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नागपुर टेस्ट में शमी ने जबरदस्त बल्लेबाजी करते हुए 47 गेंदों के अंदर 37 रन की पारी खेली थी। मोहम्मद शमी की क्वालिटी को पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने उस वक्त ही पहचान लिया था, जब उन्होंने शमी को पहली बार गेंदबाजी करते हुए देखा था।

शमी की बॉलिंग से प्रभावित हुए थे धोनी
दरअसल, भारतीय टीम के एक और तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा ने क्रिकबज के एक कार्यक्रम में टीम से जुड़ा एक किस्सा बताया है। ईशांत ने बताया है कि जब शमी ने पहली बार भारतीय टीम के नेट सेशन में गेंदबाजी की थी तो पूर्व भारतीय कप्तान एमएस धोनी भी उनकी गेंदबाजी से काफी प्रभावित हुए थे। आपको बता दें कि शमी उस वक्त 22 साल के थे और पश्चिम बंगाल की तरफ से घरेलू क्रिकेट खेल रहे थे। शमी को उस वक्त टीम इंडिया का नेट बॉलर चुना गया था और ईशांत शर्मा खुद उस समय टीम के सीनियर प्लेयरों में से एक थे। ईशांत ने बताया कि यह वाक्या 2013 का है।

क्या कहा था धोनी ने?
ईशांत शर्मा ने आगे बताया है कि जब शमी को हम सभी ने और माही भाई ने नेट में पहली बार गेंदबाजी करते हुए देखा था तो माही भाई के मुंह से सिर्फ चार शब्द निकले थे, जिन्होंने शमी को इतना महान गेंदबाज बना दिया। ईशांत बताते हैं कि शमी की गेंदबाज को देख माही भाई ने कहा था- "Wow, He is Good"। ईशांत का कहना है कि तत्कालीन भारतीय कप्तान एमएस धोनी मोहम्मद शमी की गेंदबाजी से काफी प्रभावित हुए थे।

शमी ने टेस्ट डेब्यू में लिए थे 9 विकेट
मोहम्मद शमी उस वक्त ही धोनी की नजरों में ऐसे चढ़ गए थे कि उसी साल के अंत में शमी का ईडन गार्डन्स में टेस्ट डेब्यू हो गया था। मोहम्मद शमी ने अपना पहला टेस्ट मैच वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला था। इस मैच में शमी ने कहर बरपाने वाली गेंदबाजी की थी और 9 विकेट हासिल किए थे। पहली पारी में उन्होंने 4 और दूसरी पारी में उन्होंने 5 विकेट लिए थे। भारत वो मैच 51 रन से जीत गया था। ईशांत शर्मा ने इस किस्से को याद करते हुए कहा कि शमी का आगाज बहुत ही शानदार था और वो जीवन की तमाम मुश्किलों को पार करते हुए आज भी लाजवाब गेंदबाज बने हुए हैं।












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