IPL Auction: कब और क्यों हुई थी आईपीएल में 20 दिन में दो बार नीलामी? कारण जानकर हो जाएंगे हैरान
IPL Auction: आईपीएल नीलामी सबसे पहले साल 2008 में हुई थी। उस समय जिन शहरों की टीमें थी, उनके बड़े खिलाड़ी को आइकोन प्लेयर के रूप में चुना गया था। उस टीम में सबसे ज्यादा रकम पाने वाले प्लेयर से 15 फीसदी ज्यादा राशि आइकोन प्लेयर को मिलती थी।
वीवीएस लक्ष्मण ने अपनी टीम के पर्स में ज्यादा पैसे रखने के उद्देश्य से आइकोन प्लेयर बनने से मना कर दिया था। इसके अलावा यह नीलामी एक खास वजह से जानी जाती है। इसमें एक बार ऑक्शन होने के बाद फिर से नीलामी की गई थी। यह 20 दिन बाद हुई थी।

कई विदेशी प्लेयर बड़ी रकम के साथ खरीदे गए लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उस समय सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले तेज गेंदबाज ग्लेन मैक्ग्रा अनसोल्ड गए थे। बीसीसीआई ने अनसोल्ड प्लेयर्स को बेस प्राइस की रकम दी। पहले ऑक्शन के बाद दूसरा ऑक्शन हुआ।
दूसरी बार नीलामी बीस दिनों बाद हुई थी और यह सिर्फ विदेशी खिलाड़ियों के लिए रखी गई थी। इसमें कुल 26 प्लेयर्स को साइन किया गया। इस तरह 20 दिनों के अंतराल में ही दो बार नीलामी का आयोजन किया गया। खास बात यह भी थी कि राजस्थान रॉयल्स और चेन्नई सुपर किंग्स के पास अपने आइकोन प्लेयर्स नहीं थे। चेन्नई ने धोनी को 1।5 मिलियन यूएस डॉलर में खरीदा था।
धोनी उस सीजन के सबसे महंगे बिकने वाले प्लेयर थे। उनके बाद ऑस्ट्रेलिया से आने वाले एंड्रू सायमंड्स का नाम आता है। उनको 1।35 मिलियन डॉलर में डेक्कन चार्जर्स ने खरीदा था। निराश करने वाली बात यह है कि उस सीजन दूसरे सबसे महंगे बिकने वाले सायमंड्स भी अब इस दुनिया को अलविदा कह गए हैं। उनका कार दुर्घटना में निधन हो गया था।












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