IND VS PAK: 'वीजा दे दो मियां...' , भारत आने के लिए तड़प रहे हैं चाचा क्रिकेट, कोहली के लिए कही ये बात
Chacha Cricket: भारत में ही नहीं बल्कि पाकिस्तान में भी क्रिकेट को लोग एक मजहब की तरह देखते हैं इसलिए जितनी मोहब्बत यहां को लोगों को इस खेल है उतना ही इश्क सरहद पार के लोग भी इस गेम से करते हैं।

'चाचा क्रिकेट' भी उसी प्रेम का साक्षात रूप है, जी हां हम बात कर रहे हैं पाकिस्तानी चौधरी अब्दुल जलील की, जो कि पाकिस्तान में 'चाचा क्रिकेट' के नाम से लोकप्रिय हैं।
'पाकिस्तान की चार पीढ़ियों को क्रिकेट खेलते देखा'
क्रिकेट से जुनूनी प्यार करने वाले इस चाचा ने पाकिस्तान की 4 पीढ़ियों को क्रिकेट खेलते देखा है और उनका दावा है कि 'उन्होंने 500 से अधिक इंटरनेशनल मैच स्टेडियम में देखे हैं। वो पाकिस्तान क्रिकेट के ब्रांड एंबेसडर हैं।'
'अभी तक इंडिया का वीजा नहीं मिला है...'
8 अक्टूबर 1949 को सियालकोट मे जन्मे चाचा क्रिकेट की दिली ख्वाहिश है कि वो विश्वकप 2023 में भारत-पाकिस्तान का मुकाबला लाइव मोदी स्टेडियम में बैठकर देखें लेकिन उन्हें अभी तक इंडिया का वीजा नहीं मिला है, जिसके लिए उन्होंने बीसीसीआई से भी अपील कर डाली है।
दोनों मुल्कों का मैच देखने की ख्वाहिश
पाकिस्तानी चैनल से बात करते हुए उन्होंने कहा कि 'मैं साल 2005 में भारत गया था और उसके बाद से मैं कभी वहां नहीं गया, मेरी दिली इच्छा है कि मैं इस बार वहां के स्टेडियम में बैठकर दोनों मुल्कों का मैच देखूं लेकिन मुझे अभी तक वीजा नहीं मिला है।'
'मैं इंडिया को ही सपोर्ट करूंगा लेकिन...'
'लेकिन मैंने अभी तक उम्मीद नहीं छोड़ी है लेकिन अगर वीजा नहीं मिलेगा तो मैं टीवी पर मैच देखूंगा और मेरी टीम विश्वकप से बाहर होती है तो टूर्नामेंट से, तो निश्चित तौर पर मैं इंडिया को ही सपोर्ट करूंगा, मैं फिर से भारत से अपील करता हूं, कि मियां मुझे वीजा दे दो। '
मियांदाद के छक्के ने बदली किस्मत
बचपन से क्रिकेट के फैन रहे 'चाचा क्रिकेट' ने मैट्रिक तक पढ़ाई की थी उन्होंने कहा कि पढ़ाई के बाद मैने सियालकोट में स्पोर्ट्स एसेसरीज बनाने का काम शुरू किया और फिर क्रिकेट क्लब में शामिल हुआ और फिर पिच बनाने का काम शुरू कर दिया। मैंने पहली बार साल 1986 में शारजाह स्टेडियम में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए मैच को लाइव देखा था जिसमें चेतन शर्मा की गेंद पर जावेद मियांदाद ने छक्का मारकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी।'
लोग मुझे 'चाचा क्रिकेट' कहने लगे
और इसी मैच के बाद मैं काफी लोकप्रिय हो गया और लोग मुझे 'चाचा क्रिकेट' कहने लगे। साल 1998 में मैं काफी लोकप्रिय हो चुका था तब PCB चीफ जुल्फिकार बुखारी ने मुझे पाकिस्तान बुलाया और कहा कि 'मैं पाकिस्तान क्रिकेट का ऑफिशियल चीयरलीडर बन जाऊं, मैं मान गया और फिर किस्मत बदल गई।'
'विराट कोहली कमाल के खिलाड़ी है, वो गजब हैं'
उन्होंने कहा कि 'आज बाबर आजम अच्छा खेल रहे हैं, लेकिन टी-20 वर्ल्ड कप में विराट कोहली जिस तरह खेलते हैं, वो लाजवाब है, मैं उनका मुरीद हूं। उनकी वजह से टीम इंडिया को काफी ऊंचाई मिली है। मैं रोहित शर्मा, शुभमन गिल और केएल राहुल को भी काफी पसंद करता हूं। मैं इन सबको सामने से खेलते हुए देखना चाहता हूं इसलिए वीजा का वेट कर रहा हूं।'












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