37 की उम्र में गेंदबाजों को रुलाने का क्या है राज़? विराट कोहली ने खुद सामने आकर किया खुलासा
Virat Kohli: रांची वनडे में विराट कोहली ने दिखा दिया कि उम्र चाहे 37 हो, लेकिन फिटनेस, मानसिक मजबूती और तैयारी सही हो तो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में क्लास हमेशा चमकती है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले ODI में शानदार शतक लगाने के बाद कोहली ने अपनी तैयारी, फिटनेस और मानसिक अप्रोच पर खुलकर बात की।
कोहली ने बताया कि वह रांची मैच से दो दिन पहले ही शहर पहुँच गए थे, ताकि खुद को कंडीशन के हिसाब से तैयार कर सकें। उन्होंने कहा कि उन्होंने दोपहर और शाम के सेशन में बैटिंग की, ताकि पिच का व्यवहार और गेंद की उछाल को करीब से महसूस किया जा सके। उनके मुताबिक बल्लेबाज़ी सिर्फ शॉट खेलने भर की चीज़ नहीं, बल्कि कंडीशन को जल्दी समझने का खेल है।

Virat Kohli ने की कम प्रैक्टिस
हालांकि मैच से एक दिन पहले उन्होंने प्रैक्टिस बिल्कुल नहीं की। इसी पर बोलते हुए कोहली ने कहा कि मैं 37 साल का हूँ और मुझे अपनी रिकवरी भी देखनी होती है। अगर शरीर ताज़ा रहेगा, तभी मैं लंबे समय तक फोकस कर सकता हूँ। तैयारी में क्वालिटी मायने रखती है, कितनी तैयारी की, यह मायने नहीं रखता।
कोहली ने अपनी इस पारी को "मेंटल गेम" करार दिया। उन्होंने कहा कि बैटिंग से पहले वह खुद को चुनौती देते हैं कि क्या वे नेट में 1-2 घंटे बिना ब्रेक के बल्लेबाज़ी कर सकते हैं। अगर ऐसा हो जाए, तो उन्हें भरोसा रहता है कि मैच में भी लंबी पारी खेल सकते हैं। उन्होंने कहा कि मेरे लिए क्रिकेट हमेशा से मानसिक खेल रहा है। अगर दिमाग साफ हो और शरीर संतुलित, तो आप किसी भी स्थिति में एडजस्ट कर सकते हैं।
Virat Kohli का ध्यान सिर्फ ODI पर
मैच के बाद कोहली ने यह भी साफ किया कि उनका ध्यान अब सिर्फ ODI क्रिकेट पर है और वह इसी फॉर्मेट के लिए खुद को पूरी तरह फिट और तैयार रख रहे हैं। इससे उन सभी बातों पर स्थिति साफ़ हो गई, जिनमें कहा जा रहा था कि कोहली टेस्ट क्रिकेट में फिर से वापस आ रहे हैं। बीसीसीआई ने भी अफवाहों को खारिज किया है।












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