कोहली ने कप्तानी छोड़ने के बारे में सबसे पहले इस शख्स को बताया, फिर जय शाह को कॉल किया
नई दिल्लीः दक्षिण अफ्रीका से टेस्ट सीरीज हारने के बाद विराट कोहली ने क्रिकेट बिरादरी को चौंकाते हुए टेस्ट मैचों में कप्तानी से इस्तीफा दे दिया। विराट कोहली भारत के सबसे सफल टेस्ट कप्तान थे और उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने इस्तीफे की घोषणा की। विराट कोहली इससे पहले किसी को बिना बताए सोशल मीडिया पर ही T20 कप्तानी भी छोड़ चुके हैं। दिल्ली में पैदा हुए इस क्रिकेटर ने भारतीय क्रिकेट टीम को टेस्ट मैचों में जीतने की ऐसी आदत डाली कि उनकी कप्तानी में खेले गए 68 टेस्ट मैचों में भारत 40 में विजयी रहा।

राहुल द्रविड़ को सबसे पहले बता दिया था
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक विराट कोहली ने अपने फैसले के बारे में हेड कोच राहुल द्रविड़ को सबसे पहले बता दिया था। उसके बाद उन्होंने बीसीसीआई सचिव जय शाह को कॉल की और यह बात 15 जनवरी शनिवार दोपहर की बताई जा रही है। उनका इस्तीफा उसी समय स्वीकार कर लिया गया। विराट कोहली से T20 कप्तानी नहीं छीनी गई थी लेकिन उनको दिसंबर में वनडे कप्तान भी नहीं रहने दिया गया था और उसके बाद उम्मीद की जा रही थी कि विराट अपने सबसे पसंदीदा क्रिकेट फॉर्मेट में लंबे समय तक कप्तानी करेंगे लेकिन ऐसा लगता है कोहली की योजनाएं तो कुछ और ही थी।

धोनी से कमान लेकर टेस्ट क्रिकेट को ऊंचाई दी
कोहली ने महेंद्र सिंह धोनी से कप्तानी ली थी और भारत के पूर्व कप्तान धोनी ने भी 2014 में तुरंत ही रिटायरमेंट का फैसला किया था। कोहली की कप्तानी में भारत घरेलू धरती पर तो जीता ही और साथ ही विश्व के अन्य देशों में भी जाकर जीत हासिल करने वाला देश बन गया। कोहली के लिए पिछले 5 महीने जितने उतार-चढ़ाव भरे रहे हैं इन पर एक फिल्म बनाई जा सकती है क्योंकि घटनाक्रम बहुत ही नाटकीय रहा है। विराट कोहली और रवि शास्त्री की जोड़ी के टूटने के बाद ही उम्मीद थी कि अब बीसीसीआई का दूसरा खेमा कहीं अधिक प्रभावशाली हो जाएगा।
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क्या शास्त्री के जाने के बाद तय हो गई थी कोहली की भी विदाई
यह छुपी हुई बात नहीं है कि एक समय विराट कोहली और रवि शास्त्री की जोड़ी की तूती भारतीय क्रिकेट में सिर चढ़कर बोलती थी। सबसे पहले T20 वर्ल्ड कप के बाद रवि शास्त्री की विदाई हुई क्योंकि उनका कार्यकाल पूरा हो चुका था। कोहली ने शास्त्री के साथ जो जुगलबंदी की थी अब उसमें कोहली अकेले रह गए थे। इसके अलावा बीसीसीआई के चयनकर्ताओं में भी बड़ा बदलाव आया था क्योंकि एसके प्रसाद की कमेटी ने कभी भी विराट कोहली और रवि शास्त्री के सामने बोलने की हिम्मत नहीं की थी।

मैनेजमेंट बदला, समीकरण भी बदल गए
विराट कोहली विनोद राय की अध्यक्षता वाली बीसीसीआई में पूरे प्रभावशाली बने रहे लेकिन जब भारतीय क्रिकेट बोर्ड के चुनाव हुए और सौरव गांगुली चयन हुआ तब समीकरण धीरे-धीरे बदलने शुरू हो गए थे। इसके अलावा बीसीसीआई के सचिव जय शाह की एंट्री हुई और विराट कोहली को पहली बार भारतीय क्रिकेट में टक्कर देने वाले लोग मिले थे । इस दौरान रोहित शर्मा एक मजबूत लीडर के तौर पर उभरे। अगर उनको टेस्ट मैच का कप्तान नियुक्त कर दिया जाए तो ताज्जुब नहीं होगा लेकिन अगर बीसीसीआई लंबा रोड मैप तैयार करने के मूड में हो तो केएल राहुल भी कप्तान बन सकते हैं।












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