Mumbai Terror Plot: कौन है फैयाज प्रेमजी? मुहर्रम जुलूस में 'जहरीली कैप्सूल' बांटने का आरोपी मुंबई से गिरफ्तार
Mumbai Muharram Rat Capsule Case: मुंबई में मुहर्रम के जुलूस के दौरान एक ऐसी साजिश का खुलासा हुआ है जिसने पुलिस और आम लोगों को हैरान कर दिया है। पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिस पर आरोप है कि वह जुलूस में शामिल लोगों को दर्द निवारक या विटामिन बताकर जहरीले कैप्सूल बांट रहा था।
जांच में सामने आया कि इन कैप्सूलों में जिंक फॉस्फाइड नामक खतरनाक जहर भरा गया था, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर चूहों को मारने के लिए किया जाता है।

पुलिस का दावा है कि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो यह घटना बड़े पैमाने पर जनहानि का कारण बन सकती थी। मामले का मुख्य आरोपी फैयाज निसार हुसैन प्रेमजी बताया जा रहा है, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
Who IsFaiyaz Premji: कौन है फैयाज प्रेमजी? क्या है इसका विदेशी कनेक्शन?
39 साल का फैयाज प्रेमजी कोई अनपढ़ अपराधी नहीं, बल्कि एक पढ़ा-लिखा बिजनेस क्लास शख्स है। पुलिस उसकी पूरी कुंडली खंगाल रही है। पुलिस के मुताबिक-फैयाज मूल रूप से पुणे के VIP इलाके 'विमान नगर' का रहने वाला है। वह बीबीए (BBA) ग्रेजुएट है और पुणे में अपने पिता के साथ 'पेंट और रंग-रोगन' की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट (फैक्ट्री) चलाता है। फैयाज तलाकशुदा है।
पुलिस जांच में सबसे बड़ा और चौंकाने वाला मोड़ यह आया है कि फैयाज की मां और बहन ईरान में रहते हैं। पासपोर्ट और ट्रैवल रिकॉर्ड से पता चला है कि साल 2019 से 2025 के बीच उसने कई बार ईरान और इराक के दौरे किए। हैरानी की बात यह है कि सिर्फ पिछले एक साल के भीतर वह 19 बार ईरान और इराक गया।
मुंबई पुलिस अब फैयाज के बैंक अकाउंट्स, डिजिटल चैट्स, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स और विदेशी संपर्कों की गहनता से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस खौफनाक साजिश के पीछे क्या कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क या कोई विदेशी हैंडलर काम कर रहा था।
15 दिनों से डोंगरी के गेस्ट हाउस में चल रही थी 'किलर' प्लानिंग
मुंबई पुलिस की जांच में साफ हुआ है कि यह कोई अचानक उठाया गया कदम नहीं था, बल्कि पिछले 15 दिनों से बेहद ठंडे दिमाग से तैयार की गई एक सोची-समझी साजिश थी।
पुणे के रहने वाले फैयाज प्रेमजी ने करीब 15 दिन पहले मुंबई के डोंगरी इलाके में एक गेस्ट हाउस में कमरा किराए पर लिया था। उसने ऑनलाइन माध्यम से 50 किलो जिंक फॉस्फाइड (चूहे मारने का घातक जहर) और 30,000 खाली कैप्सूल ऑर्डर किए थे।
फैयाज रोजाना कमरे में बैठकर एक-एक करके खाली कैप्सूलों में करीब 1-1 ग्राम जहर भर रहा था। पुलिस ने जब उसके कमरे पर छापेमारी की, तो वहां से जहर का भारी जखीरा और 14,900 तैयार जहरीले कैप्सूल बरामद हुए, जबकि उसका टारगेट 30,000 कैप्सूल बांटने का था।
'नेक काम' के नाम पर बुर्के वाली महिला से बंटवाया जहर, ऐसे खुला राज
इस डरावनी साजिश का पर्दाफाश तब हुआ जब शनिवार, 27 जून को तड़के नूर बाग से रहमताबाद कब्रिस्तान की तरफ जा रहे जुलूस में शामिल 26 वर्षीय सलमान सैयद ने एक कैप्सूल खाया। पुलिस के मुताबिक, जुलूस के दौरान एक बुर्का पहने महिला और कुछ अन्य लोग 'विटामिन की गोली' और 'नेक काम' के नाम पर मुफ्त में कैप्सूल बांट रहे थे।
उस महिला को खुद नहीं पता था कि इसमें जहर है और वह अनजाने में अपने बच्चों को भी वह गोली खिला रही थी। जैसे ही सलमान और अली अब्बास सैयद समेत कई लोगों ने इसे खाया, सुबह 4 से 5 बजे के बीच अचानक लोगों को चक्कर आने लगे, उल्टी होने लगी और कुछ लोग बेहोश होकर गिरने लगे।
गंभीर हालत में लोगों को अस्पताल ले जाया गया और पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए रे रोड इलाके से मुख्य आरोपी फैयाज प्रेमजी को दबोच लिया।
आरोपी पर कौन-कौन सी धाराएं लगीं?
फिलहाल पुलिस ने फैयाज के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 109 (हत्या का प्रयास), 110 (गैर-इरादतन हत्या का प्रयास) और 123 (जहर के जरिए नुकसान पहुंचाना) के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है। जब्त किए गए सभी कैप्सूल जांच के लिए कलीना फोरेंसिक लैब भेजे गए हैं।
कितना खतरनाक है 'जिंक फॉस्फाइड'?
चिकित्सकों और पुलिस के मुताबिक, जिंक फॉस्फाइड (Zinc Phosphide) चूहों और कीड़ों को मारने वाला एक बेहद खतरनाक और जानलेवा केमिकल है। जब कोई इंसान इस कैप्सूल को निगलता है, तो यह जहर पेट में मौजूद हाइड्रोक्लोरिक एसिड (Stomach Acid) के साथ तुरंत रिएक्शन करता है।
इस रिएक्शन से शरीर के अंदर 'फॉल्फीन गैस' रिलीज होती है, जो सीधा खून में मिलकर इंसान के फेफड़ों, लिवर और किडनी को ब्लॉक कर देती है। इससे मल्टी-ऑर्गन फेलियर हो जाता है और चंद मिनटों में मौत हो जाती है। सबसे डरावनी बात यह है कि इस जहर का कोई सीधा एंटीडोट नहीं है।













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