'टैलेंट इग्नोर हो सकता है, लेकिन रोका नहीं जा सकता', सरफराज के एक और शतक के बाद ट्विटर पर लोगों के रिएक्शन
सरफराज खान ने मंगलवार को रणजी ट्रॉफी के एक मुकाबले में दिल्ली के खिलाफ खेलते हुए मुंबई के लिए एक और शतक जड़ दिया। सरफराज का यह 13वां फर्स्ट क्लास शतक है।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चार टेस्ट मैचों की सीरीज के पहले दो मुकाबलों के लिए घोषित हुई टीम इंडिया से नजरअंदाज किए गए सरफराज खान पिछले कई दिनों से सुर्खियों में हैं। दरअसल, सरफराज को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चयन की पूरी उम्मीद थी, लेकिन उन्हें 17 सदस्यीय टीम में जगह नहीं मिली। सरफराज खान चयनकर्ताओं के इस फैसले से काफी निराश हैं, लेकिन उन्होंने निराशा को पीछे छोड़ते हुए रणजी ट्रॉफी के मुकाबले में एक और शतक ठोक दिया है। सरफराज खान ने मंगलवार को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए रणजी ट्रॉफी ग्रुप बी के मुकाबले में दिल्ली के खिलाफ खेलते हुए 155 गेंदों में 16 चौकों और चार छक्कों की मदद से 125 रन बनाए। उनके शतक की बदौलत मुंबई की टीम ने 293 रन बना लिए।
20 गेंदों में बनाया था एक रन
सरफराज खान ने मुंबई के लिए खेलते हुए 135 गेंदों में अपना शतक पूरा कर लिया। 5वें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे सरफराज ने पहली 20 गेंदों पर सिर्फ एक ही रन बनाए थे। लेकिन उसके बाद उन्होंने तेजी से रन बनाना शुरू किया। 37वां फर्स्ट क्लास मैच खेल रहे सरफराज खान का यह 13वां शतक है। 53 पारियों के बाद उनका बल्लेबाज औसत 82 से ऊपर का है। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 50 से ज्यादा पारियां खेलने वाले क्रिकेटर में सिर्फ ब्रैडमैन का औसत सरफराज से बेहतर है।
कोच ने सरफराज को दिया हैट्स ऑफ
सरफराज खान की रणजी ट्रॉफी में एक और सेंचुरी होते ही मुंबई के खेमे में शानदार जश्न मना। मुंबई टीम के कोच अमोल मजूमदार ने शतक पूरा होने के बाद सरफराज खान को टोपी उतारकर सैल्यूट किया। 125 रनों की पारी खेलने के बाद सरफराज स्टंप्स हो गए। बाएं हाथ के स्पिनर योगेश शर्मा के खिलाफ उन्होंने क्रीज से बाहर निकलकर बड़ा शॉट खेलने चाहा लेकिन वह चूक गए। उन्होंने 16 चौके और 4 छक्कों की मदद से 125 रन बनाए।
सोशल मीडिया पर रिएक्शन
- सरफराज खान की सेंचुरी के बाद सोशल मीडिया पर उनके प्रशंसकों ने चयनकर्ताओं पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया प्रशंसक सरफराज की खूब सराहना कर रहे हैं और सेलेक्टर्स की जमकर आलोचना कर रहे हैं।
- ट्विटर पर एक यूजर ने कहा है कि आप टैलेंट को इग्नोर तो कर सकते हैं, लेकिन उसे चमकने से रोक नहीं सकते और सरफराज खान उसका सबसे बेहतर उदाहरण हैं।
- एक अन्य यूजर ने कहा है कि पिछले 3 साल में सरफराज खान रणजी ट्रॉफी में रन मशीन रहे हैं, आखिर इस रन मशीन को टीम इंडिया में जगह क्यों नहीं मिल पा रही है?












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