'सोच से भी तेज निकली वो पिच', पर्थ को देखकर कुछ पल के लिए जब सूर्यकुमार यादव के भी होश उड़ गए
भारत ने टी20 वर्ल्ड कप में पर्थ में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मुकाबला खेला था जहां पर्थ की तेज पिच पर सूर्यकुमार यादव ने बेहतरीन अर्धशतक लगाया था। ये उनकी एक खास पारी मानी जाती है।

सूर्यकुमार यादव के लिए 2022 एक पहचान बनाने वाला साल रहा। वे एक्स फैक्टर के तौर पर टीम में पहचाने जाने लगे हैं। बल्लेबाज करने का 360 डिग्री स्टाइल बहुत लोकप्रिय हो चला है और सूर्यकुमार यादव अगले साल भी देखने लायक खिलाड़ी साबित होंगे क्योंकि उनको ना केवल वर्ल्ड कप में जौहर दिखाने होंगे बल्कि टेस्ट क्रिकेट में भी शुरुआत करनी बाकी है। भारत के सर्वश्रेष्ठ टी20 बल्लेबाज के तौर पर स्काई पहले ही अपना सिक्का जमा चुके हैं। ये सब तब शुरू हुआ जब उन्होंने जुलाई में इंग्लैंड के ट्रेंट ब्रिज पर शतक लगाया और फिर वापस नहीं पलटे। उन्होंने टी20 वर्ल्ड कप की 6 पारियों में 239 रन भी बनाए।

15 मिनट पहले यादव को तेज सतह देखने का मौका मिला
पाकिस्तान के खिलाफ वर्ल्ड कप मैच के दौरान मेलबर्न में सूर्यकुमार यादव नहीं चले। अगर चलते तो वे फैंस को और ज्यादा लुभा सकते थे। ऐसे मैचों में खेली पारियों की विशेष पहचान होती है इस बात को कोहली से ज्यादा कौन महसूस कर सकता है। खैर यादव ने मौका भले ही मिस किया लेकिन उसी मैच में एक हजार टी20 इंटरनेशनल रन पूरे करने का सौभाग्य हासिल जरूर किया। हालांकि ये पर्थ था जहां पर सूर्यकुमार की समस्याएं शुरू हो गई।
इस पिच पर गेम होने से महज 15 मिनट पहले यादव को तेज सतह देखने का मौका मिला। वे नहीं जानते थे कुछ ही देर बार इस पिच पर बड़ी मशक्कत के साथ 9 विकेट पर 133 ही रन बन पाएंगे।

पर्थ सबसे चुनौतीपूर्ण विकेट था
उन्होंने द इंडियन एक्सप्रेस के साथ बातचीत में बताया "मुझे लगता है कि पर्थ में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अर्धशतक मेरे लिए निर्णायक पारी थी। मैंने अब तक जिस विकेट का सामना किया है वह पर्थ सबसे चुनौतीपूर्ण विकेट था। खेल से पहले, मैं 15 मिनट के लिए नेट्स में बल्लेबाजी करने गया और मुझे वहां पर्थ का अहसास हुआ।"
"अभ्यास पिचें तेज थीं। इसलिए मैंने केवल 15 गेंदों का सामना किया और बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौड़) से कहा कि जो करना था कर लिया, अब जो भी बल्लेबाजी करनी है वह मैच में की जाएगी।"

ये पिच तो सोचने से भी ज्यादा तेज है
उस मैच में भारत का स्कोर 49/5 था और यादव ने कहा कि हम 75 पर ऑल आउट हो सकते थे। उन्होंने कहा, "जब मैं बल्लेबाजी करने गया, तो मैंने खुद से कहा कि ये पिच तो सोचने से भी ज्यादा तेज है। इसलिए, जब मैं नॉन-स्ट्राइकर छोर पर गया, तो मैं सोचता रहा कि मैं कौन से शॉट खेल सकता हूं क्योंकि उछाल भी था। जब हम 5 विकेट पर 49 थे, तब हमारे पास खोने के लिए कुछ नहीं था। हम 75 पर ऑल आउट हो सकते थे, लेकिन मैंने सकारात्मक रास्ता अपनाने का फैसला किया।

मुंबई के लिए रणजी ट्रॉफी खेलेंगे
सूर्यकुमार यादव फिलहाल टीम से बाहर चल रहे हैं क्योंकि भारत ने बांग्लादेश दौरे से उनको रेस्ट दिया है। टेस्ट सीरीज में स्काई को अभी भी जगह नहीं दी गई है। अब वे रणजी ट्रॉफी में प्रदर्शन करके टेस्ट मैचों के लिए दावा ठोकेंगे क्योंकि यादव अजिंक्य रहाणे के नेतृत्व में शुरू होने वाले मुंबई के महत्वपूर्ण रणजी ट्रॉफी अभियान के लिए उपलब्ध रहेंगे। हैदराबाद के खिलाफ यादव को देखना सुखद होगा क्योंकि बैजबॉल का चलन अब टेस्ट क्रिकेट में बढ़ चुका है। अंग्रेजों ने पाकिस्तान को उसकी ही धरती पर 3-0 से रौंदकर दिखाया है कि टेस्ट को कैसे सफेद गेंद स्टाइल में खेलकर विपक्षी को उड़ाया जाता है। स्काई के पास इस अंदाज में बल्लेबाजी करने की काबिलियत है।
यादव के पास कुछ सालों का टेस्ट करियर अभी भी हो सकता है। भारत यादव, शुबमन गिल, ऋषभ पंत जैसे बल्लेबाजों को आधार बनाकर तेज टेस्ट क्रिकेट खेल सकता है। यही भविष्य का टेस्ट क्रिकेट भी नजर आ रहा है।












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