शुभमन नहीं, पंत भी नहीं! सुनील गावस्कर ने सिलेक्शन कमेटी को बताया टेस्ट कप्तानी के असली हकदार का नाम
टीम इंडिया की टेस्ट कप्तानी को लेकर जबरदस्त चर्चाएं चल रही हैं। रोहित शर्मा और विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद अब सिलेक्शन कमेटी के सामने सबसे बड़ी चुनौती है- नया लीडर चुनना। इस रेस में जहां शुभमन गिल और ऋषभ पंत के नाम चर्चा में हैं, वहीं भारतीय क्रिकेट के दिग्गज सुनील गावस्कर ने इस बहस पर फुल स्टॉप लगाने वाला सजेशन दे दिया है।
भारतीय क्रिकेट के दिग्गज गावस्कर ने जसप्रीत बुमराह को भारत का अगला टेस्ट कप्तान बनाने का समर्थन किया है, उन्होंने तेज गेंदबाज के वर्कलोड को लेकर चिंताओं को दरकिनार कर दिया है। गावस्कर का बयान ऐसे समय में आया है जब सिलेक्शन कमेटी रोहित शर्मा के उत्तराधिकारी के नाम की घोषणा करने की तैयारी कर रही हैं, क्योंकि भारत को 20 जून से इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी है।

बुमराह ने पहले लाल गेंद के फॉर्मेट में भारत का नेतृत्व किया है, अपने हालिया प्रदर्शन और शांत नेतृत्व शैली के कारण टॉप दावेदार के रूप में उभरे हैं। गावस्कर का मानना है कि एक तेज गेंदबाज के रूप में बुमराह अपने वर्कलोड को मैनेज करने और अपनी शारीरिक मांगों के अनुरूप मैदान पर निर्णय लेने के लिए सबसे उपयुक्त हैं।
गावस्कर ने कहा कि, 'अपने वर्कलोड को खुद से बेहतर कौन जान सकता है? अगर आप किसी और को नियुक्त करते हैं, तो वे हमेशा बुमराह से एक अतिरिक्त ओवर चाहेंगे। अगर वह आपका नंबर 1 गेंदबाज है, तो वह खुद ही जानता होगा कि 'हां, यह वह समय है जब मुझे ब्रेक लेना चाहिए।' मेरे हिसाब से, यह सिर्फ जसप्रीत बुमराह ही हो सकता है।'
टीम इंडिया के पूर्व कप्तान ने आगे कहा कि, 'मैं उनके वर्कलोड और इस तरह की सभी अटकलों को जानता हूं। उन्हें यह काम दें ताकि उन्हें पता हो कि कितने ओवर गेंदबाजी करनी है, कब उन्हें आराम देना है, कब आराम करना है। यह सबसे अच्छी बात होगी।'
उन्होंने कहा कि, 'पहले टेस्ट के बाद, आठ दिन का गैप होता है। ठीक होने के लिए पर्याप्त समय होता है। फिर, दो बैक-टू-बैक टेस्ट मैच होते हैं। कोई बात नहीं। फिर एक और गैप होता है। अगर आप उसे कप्तानी देते हैं, तो वह यह जानने में सबसे अच्छा व्यक्ति होगा कि कब गेंदबाजी करनी है।'
इस खिलाड़ी ने 2022 में बर्मिंघम टेस्ट और 2024-25 में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान भारत की कमान संभाली थी। उनके नेतृत्व में भारत ने एडिलेड में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 295 रन से ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी-जो विदेशी धरती पर भारत की सबसे बड़ी जीत में से एक है। गावस्कर का साफ कहना है कि टीम को ऐसा कप्तान चाहिए जो फ्रंट से लीड करे और समझदारी से फैसले ले सके।
गावस्कर की राय के ठीक उलट कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ये तेज गेंदबाज़ खुद को कप्तानी की रेस से बाहर कर चुके हैं। उनका मानना है कि पांचों टेस्ट मैचों में खेल पाना उनके लिए मुश्किल हो सकता है। ऐसे में सिलेक्टर्स की नजर अब शुभमन गिल और ऋषभ पंत जैसे विकल्पों पर है। लेकिन गावस्कर अडिग हैं- कहते हैं कि कप्तानी उसी को दो जो मैदान पर सबसे बड़ी जिम्मेदारी खुद समझता हो।












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