रोहित और कोहली को घरेलू क्रिकेट नहीं खिलाने पर उठा सवाल, सुनील गावस्कर ने लगाई डांट
रोहित शर्मा और विराट कोहली बीसीसीआई द्वारा घोषित दलीप ट्रॉफी टीम से गायब थे। बोर्ड ने व्यस्त कार्यक्रम से पहले इन दिग्गज क्रिकेटरों को कुछ अतिरिक्त आराम देने का फैसला किया। बीसीसीआई सचिव जय शाह ने हाल ही में एक इंटरव्यू में उल्लेख किया कि इसका उद्देश्य उन्हें चोट से मुक्त रखना था।
श्रीलंका के खिलाफ वनडे सीरीज में भारत की हार के बाद खिलाड़ियों को करीब एक महीने का ब्रेक मिला। उनकी अगली चुनौती 19 सितंबर से बांग्लादेश के खिलाफ शुरू होने वाले दो घरेलू टेस्ट मैच हैं। जहां अधिकांश खिलाड़ी अपनी जगह पक्की करने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं रोहित और विराट ने चोटों से बचने के लिए बीसीसीआई की योजना के अनुसार कुछ दिन छुट्टी बिताने का फैसला लिया।

पूर्व महान क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने रोहित और विराट को दलीप ट्रॉफी टीम से बाहर किए जाने पर चिंता जताई। उनका मानना है कि उनकी उम्र को देखते हुए लंबे ब्रेक से उनकी फॉर्म और मांसपेशियों पर असर पड़ सकता है। मिड-डे के लिए अपने कॉलम में गावस्कर ने लिखा, "चयनकर्ताओं ने कप्तान रोहित शर्मा और विराट कोहली को दलीप ट्रॉफी के लिए नहीं चुना है, इसलिए वे शायद बांग्लादेश टेस्ट सीरीज में बिना ज्यादा अभ्यास के उतरेंगे।"
गावस्कर ने आगे बताया कि जसप्रीत बुमराह जैसे खिलाड़ी को पीठ की समस्या के कारण सावधानी से संभालना समझ में आता है, लेकिन रोहित और विराट जैसे बल्लेबाजों को प्रतिस्पर्धी मैचों में अधिक समय देने से फायदा हो सकता है।
उन्होंने कहा, "जब कोई खिलाड़ी किसी भी गेम में 30 के मध्य में पहुंच जाता है, तो नियमित प्रतिस्पर्धा उसे अपने द्वारा स्थापित उच्च मानकों को बनाए रखने में मदद करेगी। जब लंबा अंतराल होता है तो मसल मेमरी कमजोर हो सकती है और पहले के उच्च मानकों पर वापस आना आसान नहीं होता है।"
जय शाह ने बीसीसीआई के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि विराट और रोहित को घरेलू क्रिकेट खेलने के लिए कहकर उन पर बोझ बढ़ाना समझदारी नहीं है। उन्हें चोट लगने का खतरा है। इस दृष्टिकोण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दोनों खिलाड़ी आगामी महत्वपूर्ण मुकाबलों के लिए फिट रहें।












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