IND vs SA: कार्तिक से पहले अक्षर को भेजने पर फिर घिरे ऋषभ पंत, गावस्कर-स्मिथ ने कप्तानी पर उठाये सवाल
नई दिल्ली। भारत और साउथ अफ्रीका की टीम के बीच खेली जा रही 5 मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मैच कटक के मैदान पर खेला गया जहां पर टेंबा बावुमा की कप्तानी वाली साउथ अफ्रीकी टीम ने 4 विकेट से जीत हासिल कर सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली है। रविवार को खेले गये इस मैच में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 148 रनों का ही स्कोर खड़ा किया था जिसके जवाब में साउथ अफ्रीका की टीम ने 10 गेंद पहले ही रन चेज पूरा कर लिया।

इस मैच में जहां भारतीय बैटर्स ने पहले बल्ले से निराश किया तो वहीं पर स्पिनर्स ने भी 5 ओवर के स्पेल में 68 रन लुटाकर सिर्फ एक ही विकेट हासिल किया, जिसके चलते भारतीय टीम के लिये छोटे से स्कोर को डिफेंड कर पाना ज्यादा मुश्किल हो गया। लगातार दूसरे मैच में हार का सामना करने के बाद एक बार फिर से भारतीय कप्तान ऋषभ पंत के नेतृत्व करने की क्षमता पर सवाल उठाये जा रहे हैं और मैच के दौरान लिये गये फैसलों पर उनकी आलोचना की जा रही है।
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लेबल के चलते पंत से हुई बड़ी भूल
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को शुरुआती ओवर्स में ही पहला झटका लगा और ऋतुराज गायकवाड़ पहले ही ओवर में आउट होकर वापस लौटे। श्रेयस अय्यर ने इन फॉर्म बैटर ईशान किशन के साथ पारी को आगे बढ़ाने का काम किया लेकिन जैसे ही टीम खतरे से दूर जाती नजर आई लगातार विकेट की झड़ी लगने से टीम फिर डगमगा गई। कटक की पिच पर बल्लेबाजी करना आसान नहीं था और ज्यादातर बैटर यहां पर टाइमिंग को लेकर परेशान नजर आये।
ऐसे में जब कप्तान ऋषभ पंत ने मैच के अहम मोड़ पर वापसी कर रहे विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक से पहले अक्षर पटेल को बल्लेलबाजी करने के भेजा तो पूर्व दिग्गज क्रिकेटर्स बिफर पड़े। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने पंत की रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि जरूरी नहीं कि अगर किसी बैटर के ऊपर फिनिशर का लेबल लगा दिया गया है तो उसे सिर्फ आखिरी के 4-5 ओवर ही खेलने को दिये जाये। वो जितनी देर तक क्रीज पर रहेगा टीम के लिये फायदेमंद साबित होगा।

फिनिशर का मतलब आखिरी 5 ओवर्स खेलना नहीं
स्टार स्पोर्टस के साथ बात करते हुए गावस्कर ने कहा,'कई बार आपके ऊपर फिनिशर जैसे लेबल लगे होते हैं और जब भी आप फिनिशर की बात करते हैं तो आपके दिमाग में 15वें ओवर के बाद ही बल्लेबाजी करना ही समझ आता है। वो 12वें या 13वें ओवर में खेलने के लिये नहीं आ सकता। जबकि सच्चाई यह है कि अगर उन्हें पहले भेजा जाये तो वो अपनी मैच पलटने की काबिलियत के दम पर आपको फायदा दे सकते हैं। जरूरी नहीं है कि उन्हें आते ही छक्के लगाने पड़े। मामला यह है कि अगर वो बैटिंग करने पहले आयेंगे तो उन्हें विकेट को समझने का ज्यादा मौका मिलेगा और वो पिच को समझकर आखिरी के 4-5 ओवर्स में उसी अंदाज से खेल सकते हैं।'

गंभीर ने बताया फिनिशर का सही रोल
गौरतलब है कि दिनेश कार्तिक ने इस मैच में 21 गेंदों का सामना कर नाबाद 30 रनों की पारी खेली और आखिरी ओवर में उनके विस्फोटक अंदाज के चलते ही भारतीय टीम का स्कोर 148/6 पर पहुंच सका। दिनेश कार्तिक को लेकर पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने भी कहा कि वो एक प्रमुख बैटर के रूप में खेलने वाले हैं तो ऐसे में उन्हें ज्यादा गेंद खेलने का मौका दिया जाना चाहिये।
उन्होने कहा,'आगे बढ़ते हुए आपको हमेशा यह नहीं देखना चाहिये कि दिनेश कार्तिक को आखिरी के 3 ओवर ही मिलें। अगर आप अच्छे बैटर हैं और 6 नंबर पर बल्लेबाजी करते हैं तो आपका काम ही मुश्किल परिस्थितियों में खेलकर खुद को ज्यादा मौके देना होता है। इतना ही नहीं आखिरी के 3 ओवर में विपक्षी टीम पर हमला करना होता है, न कि सिर्फ आखिरी के 3 ओवर में ही बल्लेबाजी करना।'

पंत ने लिया दिमाग हिलाने वाला फैसला
साउथ अफ्रीका के पूर्व कप्तान ग्रीम स्मिथ ने भी ऋषभ पंत के निर्णय पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि दिनेश कार्तिक से पहले अक्षर पटेल को बल्लेबाजी के लिये भेजना दिमाग हिला देने वाला अनुभव था।
उन्होंने कहा,'मुझे यह फैसला बिल्कुल समझ नहीं आया। जब आपके पास टीम दिनेश कार्तिक जैसा सबसे अनुभवी बैटर मौजूद है, तो आप अक्षर पटेल को उनसे पहले कैसे भेज सकते हो। आप आईपीएल छोड़ दो और सिर्फ उनके भारतीय टीम के लिये खेले गये मैचों पर नजर डालो। यह पूरी तरह से दिमाग हिला देने वाला फैसला था।'












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