श्रीलंकाई टीम के धांसू खिलाड़ी को किया गया सस्पेंड, वजह भी काफी हैरान करने वाली है
श्रीलंका क्रिकेट टीम से एक खबर सामने आई है, जो बिलकुल अच्छी नहीं कही जा सकती है। श्रीलंकाई टीम के एक खिलाड़ी को डोपिंग का दोषी पाया गया है। श्रीलंका क्रिकेट ने अपने बयान में इस बात की पुष्टि भी की है। इसी साल लंका प्रीमियर लीग के दौरान डोप टेस्ट किया गया था।
श्रीलंका की एंटी-डोपिंग एजेंसी द्वारा यह टेस्ट किया गया था। उनका निलंबन तत्काल प्रभाव से लागू हुआ है और अगली सूचना तक जारी रहेगा। यहाँ बात विकेटकीपर बल्लेबाज निरोशन डिकवेला की हो रही है, जिनका सैम्पल पॉजिटिव पाया गया है।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि खेल मंत्रालय के सहयोग से और विश्व डोपिंग निरोधक एजेंसी (वाडा) के दिशा-निर्देशों के अनुसार की गई इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि क्रिकेट प्रतिबंधित पदार्थों के प्रभाव से मुक्त रहे। एसएलसी ने इन उपायों के माध्यम से खेल की अखंडता को बनाए रखने के लिए अपनी प्रतिबद्धता पर जोर दिया।
ये परीक्षण क्रिकेट को स्वच्छ रखने के व्यापक प्रयास का हिस्सा हैं। बयान में कहा गया कि श्रीलंका क्रिकेट की तरफ से खेल मंत्रालय और डोपिंग एजेंसी के साथ मिलकर घरेलू टूर्नामेंटों के दौरान ये परीक्षण अनियमित रूप से होते हैं ताकि खेल को एंटी-डोपिंग उल्लंघनों से बचाया जा सके। इसका उद्देश्य प्रतिबंधित पदार्थों के उपयोग को रोकना है।
इस साल लंका प्रीमियर लीग (LPL) में डिकवेला ने गॉल मार्वल्स की कप्तानी की थी। निलंबन के बाद अब टीम में उनकी नेतृत्वकारी भूमिका जांच के दायरे में आ गई है। इस घटना ने पहले से ही उनके शानदार क्रिकेट करियर में एक और अध्याय जोड़ दिया है।
जांच जारी रहने के कारण डिकवेला का क्रिकेट में भविष्य अनिश्चित बना हुआ है। तत्काल निलंबन एंटी-डोपिंग उल्लंघनों की गंभीरता और खिलाड़ियों के करियर पर उनके प्रभाव को भी दर्शाता है। अब इस मामले पर आगे क्या अपडेट आएगा, इसका इंतजार क्रिकेट समुदाय में हर किसी को रहेगा।












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