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गांगुली बोले- रणजी खेल कर रन बनाओ तभी मिलेगा मौका, श्रीलंका के खिलाफ टीम से बाहर हुए दिग्गज

Team India

नई दिल्ली। भारत के घरेलू क्रिकेट के सबसे बड़े रेड बॉल प्रारूप टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी को लेकर बड़ी खबर आयी है। कोरोना महामारी के आने के बाद से लगातार दो सालों तक इस टूर्नामेंट का आयोजन नहीं हो पाने की वजह से जहां बहुत सारे घरेलू क्रिकेटर्स को अपना हुनर दिखा पाने का मौका नहीं मिल सका है तो वहींं पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लगातार संघर्ष कर रहे खिलाड़ियों को घरेलू स्तर पर मेहनत कर अपनी कमियों को दूर कर पाने का विकल्प भी नहीं मिल पाया है। हालांकि लगातार दो सालों तक टलने के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड रणजी ट्रॉफी 2022 का आयोजन कराने को पूरी तरह से तैयार है। इसको लेकर बीसीसीआई ने गुरुवार को एक बयान जारी कर साफ किया कि रणजी ट्रॉफी 2022 का आयोजन दो चरण में किया जायेगा।

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62 दिनों तक चलने वाले इस टूर्नामेंट का पहला चरण आईपीएल से पहले 10 फरवरी से 15 मार्च के बीच खेला जायेगा, तो वहीं पर दूसरे चरण का आयोजन आईपीएल 2022 की समाप्ति के बाद 30 मई से 22 जून के बीच किया जायेगा। इस दौरान कुल 64 मैच खेले जायेंगे। रणजी ट्रॉफी की वापसी से बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली भी काफी खुश हैं और उन्होंने इस मौके का फायदा उठाने के लिये भारतीय टेस्ट टीम के मिडिल ऑर्डर को इसमें हिस्सा लेने की सलाह दी है।

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रणजी ट्रॉफी में भाग लेने से खिलाड़ियों को होगा फायदा

रणजी ट्रॉफी में भाग लेने से खिलाड़ियों को होगा फायदा

उल्लेखनीय है कि टेस्ट क्रिकेट में पिछले 5 सालों के दौरान भारतीय टीम दुनिया की नंबर 1 टीम रही है, हालांकि इस दौरान उसकी जीत में ज्यादातर उसके गेंदबाजों, टॉप ऑर्डर बल्लेबाजों या फिर निचले क्रम के खिलाड़ियों का रहा है। 2019 के बाद से भारतीय टीम के मिडिल ऑर्डर बल्लेबाजी के प्रदर्शन में लगातार गिरावट देखने को मिली है, जिसकी वजह से भारतीय टीम को विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल और हाल ही में साउथ अफ्रीका में खत्म हुई टेस्ट सीरीज में जीत की कगार पर पहुंच कर हार का सामना करना पड़ा।

इसी को देखते हुए बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली का मानना है कि भारतीय मिडिल ऑर्डर में खेलने वाले बल्लेबाजों के लिये रणजी ट्रॉफी खेलकर अपने लिये रन बटोरना काफी अच्छा अनुभव रहेगा। अगर यह खिलाड़ी रणजी ट्रॉफी में खेलकर रन बनाते हैं तो उनके आत्म-विश्वास में बढ़ोतरी होगी और वो कुछ अहम पारियां खेलकर भारतीय टीम को जीत की पटरी पर वापस लौटा सकते हैं।

रणजी खेलें पुजारा-रहाणे, रन बनायें फिर वापस आयें

रणजी खेलें पुजारा-रहाणे, रन बनायें फिर वापस आयें

उल्लेखनीय है कि भारतीय टीम के मिडिल ऑर्डर बल्लेबाजी की रीढ़ की हड्डी माने जाने वाले चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे का प्रदर्शन पिछले कुछ सालों में बहुत ज्यादा गिरा है। उनकी बल्लेबाजी में इस कदर संघर्ष देखने को मिला है कि साउथ अफ्रीका दौरे को उनके लिये करो या मरो की सीरीज मानी जा रही थी और जिस तरह से वो इसे भुना पाने में नाकाम रहे उसके बाद उन्हें टीम से बाहर किये जाने की मांग की जा रही है। इसको लेकर जब सौरव गांगुली से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि दोनों ही खिलाड़ी काफी अच्छे हैं, लेकिन मैं चाहूंगा कि वो रणजी ट्रॉफी में भाग लेकर कुछ अच्छे रन बटोरे और फिर भारतीय टीम में वापसी करें।

स्पोर्टस्टार से बात करते हुए गांगुली ने कहा,'जी हां, वो काफी शानदार खिलाड़ी हैं, उम्मीद है कि वो रणजी ट्रॉफी में वापस जायेंगे और बहुत सारे रन बनायेंगे। मुझे नहीं लगता कि उन्हें घरेलू क्रिकेट में वापसी कर खेलने में कोई दिक्कत होगी। रणजी ट्रॉफी काफी बड़ा टूर्नामेंट है और हम सभी उसे खेलकर ही आगे बढ़े हैं। तो वो भी वापस जायेंगे और अच्छा प्रदर्शन कर टीम में वापसी करेंगे। वो पहले भी ऐसा कर चुके हैं और फिलहाल वो वनडे या टी20 टीम का हिस्सा नहीं है। सिर्फ टेस्ट क्रिकेट खेलने की वजह से मुझे नहीं लगता कि उन्हें कोई भी परेशानी होगी।'

क्या भारतीय टीम से साफ हो गया है पुजारा-रहाणे का पत्ता

क्या भारतीय टीम से साफ हो गया है पुजारा-रहाणे का पत्ता

गौरतलब है कि सौरव गांगुली ने जिस तरह से दोनों खिलाड़ियों को रणजी ट्रॉफी में लौटकर रन बनाने के लिये कहा है, उससे यही लग रहा है कि फिलहाल के लिये टेस्ट क्रिकेट से दोनों प्लेयर्स का पत्ता साफ हो गया है। रणजी ट्रॉफी के पहले चरण के दौरान भारत को श्रीलंका के खिलाफ 2 मैचों की टेस्ट सीरीज की मेजबानी करनी है, ऐसे में अगर रहाणे-पुजारा रणजी खेलने जायेंगे तो उनका श्रीलंका के खिलाफ खेल पाना नामुमकिन है। गांगुली के बयान से यही प्रतीत होता है कि चयनकर्ताओं ने दोनों खिलाड़ियों को तभी वापस टीम में मौका देने का फैसला किया है जब यह खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट में ढेरों रन बनाकर अपनी दावेदारी पेश कर सकें।

आपको बता दें कि अपने करियर के दौरान सौरव गांगुली ने खुद खराब फॉर्म से उबरने के लिये रणजी ट्रॉफी में वापसी की थी और 2005 में रनों का अंबार लगाकर भारतीय टीम में दमदार तरीके से वापसी की थी। गांगुली को विश्वास है कि रहाणे और पुजारा भी यह कारनामा दोहरा सकते हैं।

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