29 मई को सात साल पहले जो टीम पहली पर बनी थी IPLचैंपियन वो इस बार सबसे फिसड्डी
सनराइजर्स हैदराबाद की टीम में बहुत बदलाव हुए थे लेकिन इसका फायदा नहीं मिला। हैदराबाद उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी।

29 मई आइपीएल की खास तारीख है। इस तारीख को आइपीएल 2023 के विजेता का फैसला होना है। आज से 7 साल पहले 29 मई को ही सनराइजर्स हैदराबाद ने पहली बार आइपीएल की ट्रॉफी जीती थी। तब डेविड वार्नर हैदराबाद के कप्तान थे। दुर्भाग्य है कि आइपीएल 2023 में हैदराबाद की टीम अंतिम पायदान पर है। हैदराबाद ने इस साल नये कप्तान (एडन मार्करम) और नये कोच (बार्यान लारा) के साथ अपनी किस्मत आजमायी थी। मोटी रकम देकर इंग्लैंड की सनसनी हैरी ब्रुक को खरीदा था। लेकिन इसके बावजूद टीम फिसड्डी साबित हुई। जब कि इसी हैदराबाद ने 2016 में कमाल का प्रदर्शन किया था।
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IPL 2016 फाइनल, हैदराबाद 208/7
29 मई 2016, चिन्नस्वामी स्टेडियम बेंगलुरू। सनराइजर्स हैदराबाद और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के बीच फाइनल। हैदराबाद ने पहले बैटिंग शुरू की। कप्तान डेविड वार्नर और शिखर धवन पारी शुरू करने के लिए मैदान पर उतरे। इस सीजन विराट कोहली (973 रन) और डेविड वार्नर (848 रन) ने बल्ले से कहर बरपा दिया था। फाइनल में भी दोनों ने खूब रंग जमाया लेकिन बाजी मारी वार्नर ने। वार्नर और शिखऱ धवन की सलामी जोड़ी ने पहले विकेट के लिए 63 रन जोड़े। धवन 28 रन बना कर आउट हुए। वार्नर ने 38 गेंदों पर 69 रन बनाये। उनका अर्धशतक 24 गेंदों पर आया था। युवराज सिंह ने 23 गेदों पर 38, बेन कटिंग ने 15 गेंदों पर नाबाद 39 रन बनाये। इनके योगदान से हैदराबाद ने 7 विकेट के नुकसान पर 208 रनों का मजबूत स्कोर बनाया। उस समय 200+ का स्कोर चेज करना मुश्किल माना जाता था।
गेल-कोहली की आतिशी बल्लेबाजी
2016 में विराट कोहली ने आइपीएल करियर की सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजी (973 रन) की है। फाइनल में भी उन्होंने 35 गेंदों पर 54 रन बनाये थे। उन्होंने क्रिस गेल के साथ ऐसा रंग जमाया था कि एक समय बैंगलोर की टीम जीत की तरफ बढ़ती दिख रही थी। क्रिस गेल ने रौद्र रूप धारण कर लिया था। गेल ने 25 गेंदों अर्धशतक बनाया। फिर तो उनका बल्ला और गर्जने लगा। गेल ने 38 गेंदों पर 76 रन बनाये जिसमें 4 चौके और 8 छक्के थे। गेल और कोहली की आक्रामक बैटिंग के कारण बैंगलोर ने 9 ओवर में 100 रन पूरे कर लिये थे। ग्यारहवें ओवर में जब गेल आउट हुए तब टीम का स्कोर था 114 रन। अब 9.3 ओवर में बैंगलोर को जीत के लिए 95 रन बनाने थे। लेकिन 140 के स्कोर पर जैसे ही कोहली आउट हुए बैंगलोर की बल्लेबाजी चरमरा गयी।
मिडिल ऑर्डर चरमराया, बैंगलोर की हार
19वां ओवर खत्म हुआ तो बैंगलोर का स्कोर था 6 विकेट के नुकसान पर 191 रन। अंतिम ओवर में जीत के लिए 18 रन बनाने थे। क्रीज पर सचिन बेबी और क्रिस जॉर्डन थे। अंतिम ओवर फेंकने के लिए भुवनेश्वर कुमार आये। उस समय भुवी डेथ ओवर्स में शानदार गेंदबाजी कर रहे थे। पहली गेंद पर जर्डन ने 1 रन लिया। दूसरी गेंद पर सचिन बेबी ने 2 रन लिया। तीसरी गेंद पर जॉर्डन रन आउट हो गये। अब बैंगलोर को 3 गेंदों पर 15 रनों की जरूरत थी। अब्दुल्ला नये बल्लेबाज थे। चौथी गेंद पर लेग बाई का 1 रन मिला। पांचवी गेंद पर सचिन बेबी ने 1 रन लिया। अंतिम गेंद पर अब्दुल्ला ने चौका मारा। अंतिम ओवर में 9 रन ही बने। इस तरह बैंगलोर 8 रनों से यह फाइनल हार गया।
युवी के लिए खास- पहेल विश्वकप फिर IPL
2016 की आइपीएल ट्रॉफी जीतने के बाद युवराज सिंह ने कहा था, मैं अपने दोस्त आशीष नेहरा के लिए यह फाइनल जीतना चाहता था। नेहरा ने इस प्रतियोगिता में जान लगा कर गेंदबाजी की थी। जब गेल और कोहली बैटिंग कर रहे थे तब हमारी चिंता बढ़ गयी थी। लेकिन जैसे गेल का विकेट मिला, हम मैच में वापस आ गये। ये जीत मेरे लिए बहुत खास है। विश्वकप (2011) जीतने के बाद अब आइपीएल जीतना, ये मेरे लिए यादगार लम्हा है। विश्वकप की तरह युवराज सिंह ने आइपीएल फाइनल में भी अहम योगदान (23 गेंद पर 38 रन) दिया था। बैंगलोर भी पहली बार आइपीएल ट्रॉफी जीतने के बहुत नजदीक पहुंच गया था। आखीरी छह गेंदों पर 18 रन बनाने थे। लेकिन अंतिम ओवर में भुवनेश्वर ने अपने सटीक यॉर्कर से उसकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया था।












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