'अब चुप नहीं रहूंगा, मेरे बेटे को जानबूझकर...', Sanju Samson के पिता का छलका दर्द, खोले कई राज
Champions Trophy 2025, Sanju Samson: पिछले कुछ सालों में कई खिलाड़ियों ने भारतीय क्रिकेट में अपने हुनर को साबित करने के लिए मौके का इंतजार किया है। हालांकि, संजू सैमसन इस लिस्ट में टॉप पर हैं। लंबे समय से लगातार अच्छे प्रदर्शन करने के बावजूद संजू सैमसन को टीम से बाहर रखा गया। कई बार उनकी परफॉर्मेंस को चयनकर्ताओं द्वारा नजर अंदाज किया गया।
चैंपियंस ट्रॉफी की टीम में नहीं हैं संजू सैमसन (Champions Trophy 2025, Sanju Samson)
संजू सैमसन ने बार-बार अपनी काबिलियत साबित की है और भारतीय क्रिकेट में लगातार मौकों का इंतजार किया है। हाल ही में, संजू को चैंपियंस ट्रॉफी 2025 और इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम से बाहर रखा गया था। संजू के पिता सैमसन विश्वनाथ ने बताया कि संजू को टीम से बाहर करने का कारण केरल क्रिकेट एसोसिएशन (केसीए) के अधिकारियों द्वारा खिलाड़ी के खिलाफ पक्षपात था, जिन्होंने उन्हें विजय हजारे ट्रॉफी में राज्य की टीम के लिए खेलने से वंचित कर दिया था।

संजू के पिता ने जाहिर की नाराजगी
संजू के पिता ने केरल टीम से अपने बेटे को बाहर किए जाने पर अपनी निराशा व्यक्त की। केरल टीम के कारण संजू को चैंपियंस ट्रॉफी के लिए भारतीय टीम से बाहर होना पड़ा। हालांकि विश्वनाथ ने केसीए की सीधे आलोचना करने से परहेज किया, लेकिन चयन प्रक्रिया को लेकर उनकी निराशा स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही थी। एक वेबसाइट को दिए इंटरवंयू में उन्होंने बताया कि संजू को विजय हजारे ट्रॉफी टीम से बाहर करने का निर्णय ट्रेनिंग शिविर शुरू होने से पहले ही लिया गया था।
'मेरे बेटे के साथ हुआ अन्याय'
विश्वनाथ ने कहा कि हमने पहले कभी अपनी आवाज नहीं उठाई, लेकिन इस बार स्थिति अलग है। उन्होंने अपने बेटे के साथ हुए अन्याय का जिक्र करते हुए कहा कि मैं अब चुप नहीं रहूंगा, मेरे बेटे को जानबूझकर टारगेट किया जाता रहा है। विश्वनाथ ने अपने बेटे के लिए केरल टीम में अवसर की समानता के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि हम बस निष्पक्षता चाहते हैं, और मेरे बेटे को खेलने का उचित मौका दिया जाना चाहिए।












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