रोहित शर्मा टेस्ट क्रिकेट से 'धोनी-स्टाइल' विदाई चाहते थे, BCCI ने ठुकरा दी ख्वाहिश! रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
भारतीय टेस्ट क्रिकेट से अचानक संन्यास लेने वाले टीम इंडिया के 'हिटमैन' रोहित शर्मा को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक रोहित, महेंद्र सिंह धोनी की तरह सीरीज के बीच में विदाई लेना चाहते थे, लेकिन BCCI ने उनकी इस ख्वाहिश को ठुकरा दिया। इसके बाद उन्होंने सीरीज शुरू होने से पहले ही रिटायरमेंट का फैसला कर लिया।
स्काई स्पोर्ट्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, रोहित शर्मा पांच टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए इंग्लैंड जाना चाहते थे और बीच में ही संन्यास लेना चाहते थे, ठीक वैसे ही जैसे धोनी ने 2014 के ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान किया था।
हालांकि, बीसीसीआई ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया और कथित तौर पर इस सीरीज से पहले ही संन्यास लेने का फैसला किया गया।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चयनकर्ता सीरीज के दौरान निरंतरता (Consistency) चाहते थे और शर्मा को सीरीज में जाने का मौका दिया, लेकिन कप्तान के तौर पर नहीं। इसके बजाय उन्होंने संन्यास लेने का फैसला किया। रोहित ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के अपने फैसले से सभी को चौंका दिया और उसके कुछ ही दिनों बाद कोहली ने भी ऐसा ही किया।
रोहित और कोहली ने टीम इंडिया को दिया डबल झटका
रोहित के रिटायरमेंट के कुछ ही दिन बाद विराट कोहली ने भी टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया। इन दोनों दिग्गजों के एक साथ हटने से टेस्ट टीम की लीडरशिप और अनुभव दोनों में बड़ा खालीपन पैदा हो गया है, जिसे भरना आसान नहीं होगा।
कप्तानी की रेस में शुभमन गिल और ऋषभ पंत
अब सवाल ये उठता है कि रोहित के बाद अगला टेस्ट कप्तान कौन होगा। रिपोर्ट बताती है कि BCCI चयन समिति ने शुभमन गिल और ऋषभ पंत से अनौपचारिक बातचीत की है और दोनों को अगली कप्तानी की रेस में देखा जा रहा है।
गिल की कप्तानी पर चयनकर्ता असमंजस में
हालांकि, चयनकर्ताओं में भी इसको लेकर मतभेद हैं। एक चयनकर्ता का मानना है कि शुभमन गिल की जगह फिलहाल टेस्ट टीम में पक्की नहीं है, इसलिए उन्हें सीधे कप्तान बनाने की बजाय उपकप्तानी दी जानी चाहिए।
IPL बना रहा नए कप्तानों की फौज
सुनील गावस्कर का मानना है कि IPL जैसे हाई-प्रेशर टूर्नामेंट में कप्तानी करने का अनुभव गिल, पंत और अय्यर जैसे खिलाड़ियों को अगली पीढ़ी के कप्तान बनने में काफी मदद देगा। उनका कहना है कि IPL जैसे मंच पर कप्तानी करना असली परीक्षा की तैयारी जैसा है।
सुपरकप्तान बनने में अभी वक्त लगेगा
गावस्कर ने यह भी जोड़ा कि इन युवा कप्तानों को अभी 'धोनी, रोहित और विराट' जैसे सुपरकप्तानों के स्तर तक पहुंचने में समय लगेगा। उनके मुताबिक कम से कम दो साल की मेहनत और अनुभव के बाद ही इन खिलाड़ियों में मैच्योरिटी आएगी जो अंतरराष्ट्रीय कप्तानी के लायक बनाती है।












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