रोहित शर्मा ने 2011 वर्ल्ड कप नहीं देखने का फैसला लिया था, जानें क्या था इसके पीछे कारण
Rohit Sharma on World Cup Memories: अक्टूबर में इस साल भारत में वनडे वर्ल्ड कप हो रहा है। हर कोई इस मेगा इवेंट को लेकर उत्साहित है। भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा भी इसे लेकर उत्सुक हैं। रोहित शर्मा के लिए साल 2019 का वर्ल्ड कप बतौर बल्लेबाज काफी बेहतरीन रहा था।
रोहित ने आईसीसी से बातचीत में वर्ल्ड कप के कुछ यादगार लम्हों का जिक्र किया है। रोहित ने बताया कि उन्होंने काफी नजदीक से वर्ल्ड कप की ट्रॉफी नहीं देखी है, 2011 के वर्ल्ड कप में वह टीम में नहीं थे। रोहित ने कहा कि यह (ट्रॉफी) काफी शानदार दिखती है और ट्रॉफी देखे बिना भी काफी यादें हैं और इतिहास भी है। यह सुंदर दिखती है और उम्मीद है कि इस बार हम इसे जीतेंगे।

रोहित शर्मा ने कहा कि साल 1987 में मेरा जन्म हुआ था और पाकिस्तान ने 1992 में कप जीता था। एलन बॉर्डर को आउट करने के लिए अजय जडेजा द्वारा लपका गया कैच मेरा फेवरेट है। 1996 में घरेलू सरजमीं पर हुए वर्ल्ड कप में हम सेमीफाइनल में हारे थे लेकिन उसका हर लम्हा मुझे याद है।
भारतीय कप्तान ने कहा कि 2003 में भारतीय टीम काफी अच्छा खेली और सचिन तेंदुलकर ने काफी रन बनाए थे। इसके बाद 2007 में हम अच्छा नहीं कर पाए थे। 2011 का वर्ल्ड कप हम सभी के लिए यादगार है। मैं घर पर बैठकर इसके हर मैच की एक-एक गेंद का खेल देखा करता था। मेरे दो इमोशन थे, एक मैं टीम में नहीं था लेकिन इसे नहीं देखने का निर्णय लिया लेकिन दूसरी तरफ भारतीय टीम काफी अच्छा कर रही थी।
साल 2015 और 2019 में रोहित टीम में थे और उनका कहना था कि इन दोनों वर्ल्ड कप में टीम के लिए खेलना अच्छा अनुभव था। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य था कि हमने फाइनल तक का सफर तय नहीं किया। आप एक या दो दिन में वर्ल्ड कप नहीं जीतते। इसके लिए एक या डेढ़ महीने खेलना होता है। हम अपनी तरफ से पूरा प्रयास कर रहे हैं और अपने दृष्टिकोण से हम वर्ल्ड कप के लिए तैयार होने की कोशिश में हैं।
गौरतलब है कि साल 2019 में खेले गए वनडे वर्ल्ड कप में रोहित शर्मा टॉप स्कोरर थे। उन्होंने कुल 648 रन अपने नाम किये थे। 9 मैचों में उनका औसत 81 का था और इस दौरान पांच शतक उनके बल्ले से देखने को मिले थे। टीम इंडिया सेमीफाइनल में हार के साथ टूर्नामेंट से बाहर हो गई थी।












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