JPC Meeting: संसद की ज्वॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी की अहम बैठक आज, J&K समेत तीन बड़े संशोधन विधेयकों पर चर्चा

Parliament JPC Meeting: देश की राजधानी दिल्ली में आज 1 जुलाई देश के कई बड़े राजनीतिक और नीतिगत फैसलों को लेकर संसद भवन एनेक्सी (PHA) में एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है।

BJP सांसद अपराजिता सारंगी (Aparajita Sarangi) की अध्यक्षता वाली 'संयुक्त संसदीय समिति' (JPC) आज तीन बेहद खास और बड़े संशोधन विधेयकों पर विस्तार से समीक्षा करेगी।

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इस बैठक में केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन, जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन और संविधान संशोधन जैसे बेहद संवेदनशील और अहम मुद्दों पर देश के अलग-अलग हिस्सों से आए प्रतिनिधि और राजनीतिक दल अपनी राय रखेंगे।

किन 3 बड़े विधेयकों पर होने जा रहा है मंथन?

जिस संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की आज बैठक हो रही है, उसे संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) के सदस्यों को मिलाकर बनाया गया है। यह समिति मुख्य रूप से पिछले साल 20 अगस्त को लोकसभा में पेश किए गए तीन विधेयकों की बारीकियों की जांच कर रही है:

  • संविधान (एक सौ तीसवां संशोधन) विधेयक, 2025 (The Constitution 130th Amendment Bill, 2025)
  • जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025 (The Jammu and Kashmir Reorganisation Amendment Bill, 2025)
  • केंद्र शासित प्रदेश सरकार (संशोधन) विधेयक, 2025 (The Government of Union Territories Amendment Bill, 2025)

आज की बैठक का एजेंडा क्या है? कौन-कौन देगा गवाही?

संसदीय कार्यसूची (Agenda) के मुताबिक, आज की बैठक में इन विधेयकों के कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं पर ब्रीफिंग होगी और साथ ही 'ओरल एविडेंस' दर्ज किए जाएंगे। आज की बैठक में जिन प्रमुख पक्षों को बुलाया गया है, उनमें शामिल हैं-

  • आंध्र प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि
  • हैदराबाद स्थित फाउंडेशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (Foundation for Democratic Reforms)
  • भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI)

ये सभी प्रतिनिधि विधेयकों से जुड़े अपने सुझाव, चिंताएं और राय समिति के सामने प्रस्तुत करेंगे। समिति इन सभी सुझावों पर विचार करने के बाद अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी।

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पिछले महीने भी संसदीय समिति की बैठक

संसद के गलियारों में पिछले पूरे महीने यानी जून में भी समितियों की बैठकों का दौर जारी रहा। पिछले महीने 'कॉरपोरेट लॉ (संशोधन) विधेयक', देश की वित्तीय स्थिति और ऊर्जा के क्षेत्र को लेकर कई मैराथन बैठकें हुईं।

इन बैठकों में देश के प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (ICAI), कंपनी सेक्रेटरी संस्थान (ICSI), कॉस्ट अकाउंटेंट्स संस्थान (ICMAI) के साथ-साथ वाणिज्य मंत्रालय, एमएसएमई (MSME) मंत्रालय और 'इन्वेस्ट इंडिया' के बड़े अधिकारियों ने हिस्सा लिया था। इन बैठकों में सुधीर गुप्ता, संजय के. झा और मगुंटा एस. रेड्डी जैसे सांसद भी मौजूद रहे थे।

इसके अलावा, आज ही एक अन्य समिति के एजेंडे में देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने को लेकर बिजली मंत्रालय और 'नॉर्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड' (NEEPCO) के अधिकारियों के साथ भी एक खास ब्रीफिंग होनी तय है।

JPC क्या होती है?

संयुक्त संसदीय समिति (Joint Parliamentary Committee) संसद की एक विशेष समिति होती है, जिसमें लोकसभा और राज्यसभा दोनों के सांसद शामिल होते हैं। जब किसी महत्वपूर्ण विधेयक या बड़े मुद्दे पर विस्तार से जांच-पड़ताल और चर्चा की आवश्यकता होती है, तब संसद उस मामले को JPC के पास भेजती है। समिति विभिन्न राज्यों, विशेषज्ञों, सरकारी अधिकारियों और संबंधित संगठनों की राय सुनती है। इसके बाद अपनी सिफारिशों के साथ संसद को रिपोर्ट सौंपती है।

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