मासूमों के खून से गमगीन हुए राशिद खान, काबुल हमलों पर अफगान क्रिकेटरों का फूटा गुस्सा
Rashid Khan on airstrikes in Kabul: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच पिछले कई हफ्तों से जारी जंग ने अब एक गंभीर मोड़ ले लिया है। सोमवार यानी 16 मार्च को काबुल में पाकिस्तानी वायुसेना द्वारा किए गए हवाई हमलों के बाद अफगान क्रिकेट जगत में भारी आक्रोश और शोक की लहर है। इन हमलों में एक अस्पताल को निशाना बनाए जाने की खबरें हैं, जिसमें बच्चों और मरीजों सहित सैकड़ों निर्दोष नागरिकों की जान जाने का दावा किया जा रहा है।
राशिद खान का फूटा गुस्सा (Rashid Khan on airstrikes in Kabul)
अफगानिस्तान के स्टार ऑलराउंडर राशिद खान ने इस घटना पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए सोशल मीडिया पर दुख जाहिर किया है। राशिद ने अस्पताल और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाए जाने की निंदा करते हुए इसे वॉर क्राइम करार दिया। उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि काबुल में नागरिक हताहतों की रिपोर्ट से मैं गहरा दुखी हूं। रिहायशी घरों, शैक्षणिक संस्थानों या चिकित्सा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना, चाहे जानबूझकर हो या गलती से, एक युद्ध अपराध है।

मोहम्मद नबी का भी छलका दर्द
उन्होंने आगे लिखा कि रमजान के पवित्र महीने में मानवीय जीवन के प्रति ऐसी उपेक्षा विचलित करने वाली है। राशिद ने संयुक्त राष्ट्र (UN) और मानवाधिकार एजेंसियों से इस घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है। इसके अलावा मोहम्मद नबी ने भी एक भावुक पोस्ट के जरिए घटना की निंदा की। उन्होंने लिखा कि रमजान की 28वीं रात को एक अस्पताल में इलाज करा रहे युवाओं की जान ले ली गई।
नबी के अनुसार, माताओं का अपने बेटों को पुकारने का मंजर दिल दहला देने वाला था। गुलबदीन नैब सहित अन्य खिलाड़ियों ने भी इस कठिन समय में अपने देशवासियों के साथ एकजुटता दिखाई है। तालिबान सरकार के मुताबिक अस्पताल पर हुए इस हमले में कम से कम 400 लोग मारे गए हैं। हालांकि, पाकिस्तानी प्रशासन ने इन दावों का खंडन करते हुए कहा है कि उनकी कार्रवाई का उद्देश्य नागरिक ठिकानों को नुकसान पहुंचाना नहीं था।
खबर AI इनपुट के साथ












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