Ranji Trophy जीतने के बाद मध्य प्रदेश पर हुई पैसों की बरसात, रनर-अप मुंबई को भी मिले करोड़ों रुपए
देश के सबसे बड़े घरेलू टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी (Ranji Trophy) को उसका नया चैंपियन मिल गया है।

नई दिल्ली: देश के सबसे बड़े घरेलू टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी (Ranji Trophy) को उसका नया चैंपियन मिल गया है। मध्य प्रदेश ने रविवार को बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में 41 बार की चैंपियन मुंबई को 6 विकेट से हराकर पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया। फाइनल में मध्य प्रदेश के सामने 108 रन का टारगेट था, जिसे टीम ने 4 विकेट खोकर हासिल किया। आखिरी बार मध्य प्रदेश 1998-99 के सीजन में फाइनल में पहुंची। हालांकि, उस समय टीम को बेंगलुरु के ही एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में कर्नाटक के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था।
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टीम पर हुई पैसों की बारिश
रणजी ट्रॉफी जीतने के बाद मध्य प्रदेश की टीम पर जमकर पैसों की बारिश हुई है। दरअसल, आदित्य श्रीवास्तव की कप्तानी वाली विजेता टीम को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की ओर से 2 करोड़ की ईनामी राशि दी है। वहीं, रनर-अप पृथ्वी शॉ की अगुआई वाली मुंबई की टीम को भी बोर्ड की ओर से 1 करोड़ रुपए मिले हैं।
बता दें कि, मध्य प्रदेश कम से कम एक बार रणजी ट्रॉफी जीतने वाली 20वीं टीम बन गई। केवल आठ टीमों ने एक बार खिताब जीता है, जबकि बाकी 12 टीमों ने कई बार इस ट्रॉफी को अपने नाम किया है।
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Madhya Pradesh beat Mumbai by 6 wickets & clinch their maiden #RanjiTrophy title👍 👍 @Paytm | #Final | #MPvMUMScorecard ▶️ https://t.co/xwAZ13D0nP pic.twitter.com/XrSp2YzwSu— BCCI Domestic (@BCCIdomestic) June 26, 2022

किसे मिला कौन सा अवॉर्ड
मध्य प्रदेश के लिए फाइनल में शानदार बल्लेबाजी करने वाले शुभम शर्मा को प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड मिला। शुभम ने पहली पारी में बढ़िया खेल दिखाते हुए 215 गेंदों पर 116 रन की पारी खेली थी। अपनी पारी में युवा खिलाड़ी ने 15 चौके और 1 छक्का लगाया। मैच की चौथी पारी में टारगेट का पीछा करते हुए भी शर्मा ने 75 गेंदों पर 30 रन का योगदान दिया।
वहीं, इस सीजन मैच दर मैच रनों की बारिश करने वाले मुंबई के सरफराज खान को प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार मिला। 24 वर्षीय सरफराज खान ने इस रणजी ट्रॉफी के 6 मैचों में 122.75 की धमाकेदार औसत के साथ कुल 982 रन बनाए। इस दौरान 9 पारियों में उनके बल्ले से 4 शतक और दो अर्धशतक भी देखने को मिले। खास बात तो ये रही कि सरफराज द्वारा लगाए गए चार शतकों में दो दोहरे शतक भी शामिल थे।

हर टूर्नामेंट के लिए क्या होती है प्राइस मनी
रणजी ट्रॉफी जीतने वाली टीम को 2 करोड़ रुपए मिलते हैं। वहीं, भारत में खेले जाने वाले अन्य बड़े टूर्नामेंट में भी विजेता टीमों को अच्छी खासी ईनामी राशि मिलती है।
विजय हजारे ट्रॉफी: विजेता 20 लाख रुपए, उपविजेता 10 लाख रुपए; ग्रुप टॉपर्स प्रत्येक को 5 लाख रुपए।
प्रोफेसर डी बी देवधर ट्रॉफी: विजेता 15 लाख रुपए, उपविजेता 9 लाख रुपए।
कर्नल सी के नायडू ट्रॉफी: विजेता 10 लाख रुपए, उपविजेता रु. 5 लाख; सेमीफाइनल में हारने वाले प्रत्येक को 2 लाख रुपए।
कूच बिहार ट्रॉफी: विजेता 6 लाख रुपए, उपविजेता 2 लाख रुपए; सेमीफाइनल में हारने वाले प्रत्येक को 1 लाख।
वीनू मांकड़ ट्रॉफी: विजेता 4 लाख रुपए, उपविजेता 2 लाख रुपए; सेमीफाइनल में हारने वाले प्रत्येक को 1 लाख रुपए।
वीनू मांकड़ ट्रॉफी के बाद अंडर-19 इंटरजोनल: विजेता 4 लाख रुपए; उपविजेता 2 लाख रुपए।
विजय मर्चेंट ट्रॉफी: विजेता 4 लाख रुपए; उपविजेता 2 लाख रुपए; सेमीफाइनल में हारने वाले प्रत्येक को 1 लाख रुपए।
सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी ट्वेंटी 20: विजेता 10 लाख रुपए; उपविजेता 5 लाख रुपए।












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