PSL 2025 में अब नहीं होगा DRS! भारत-पाक तनाव के बीच टेक्नोलॉजी से भी दूर हुआ पाकिस्तान
भारत-पाकिस्तान के बीच हालिया सैन्य तनाव का असर अब पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) पर भी साफ दिखने लगा है। इस साल के टूर्नामेंट में अब हॉकआई और DRS तकनीक का इस्तेमाल नहीं होगा, क्योंकि जो तकनीशियन यह सिस्टम संभालते हैं, वे अधिकतर भारतीय हैं और मौजूदा हालात के चलते पाकिस्तान लौटने से इनकार कर चुके हैं।
यह संकट उस वक्त और गहराया जब 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान जाने के बाद भारत ने पाकिस्तान और POK में आतंक के ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक की। इसके तुरंत बाद PSL को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया था। हालांकि टूर्नामेंट फिर से शुरू हुआ, लेकिन भारतीय ब्रॉडकास्ट टीम और DRS एक्सपर्ट पाकिस्तान नहीं लौटे।

PCB की कोशिशें नाकाम, UAE ने भी किया इनकार
PCB ने PSL के बचे हुए मैच यूएई में कराने की कोशिश की, लेकिन एमिरेट्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। अब PCB के पास न टेक्नोलॉजी है, न विदेशी सपोर्ट।
DRS के बिना खेले जाएंगे बाकी मैच
एक फ्रेंचाइज़ी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, 'अब बचे हुए सारे मैच बिना DRS के ही पूरे होंगे। ये टीमों और PCB दोनों के लिए बहुत बड़ा झटका है।' तकनीकी स्टाफ के बिना PSL अब 20वीं सदी के क्रिकेट जैसा दिखेगा- जहां अंपायर की आंख ही आखिरी फैसला करती थी।
IPL ने भी छीने खिलाड़ी
भारत से तकरार के बीच पाकिस्तान को सिर्फ टेक्नोलॉजी ही नहीं, विदेशी खिलाड़ियों से भी हाथ धोना पड़ा है। कुसल मेंडिस और मिशेल ओवेन्स जैसे बड़े नाम PSL छोड़कर IPL में चले गए। ताजा झटका तब लगा जब इंग्लैंड के एलेक्स हेल्स भी टूर्नामेंट के बीच में ही वतन लौट गए, जिससे इस्लामाबाद यूनाइटेड की प्लेऑफ़ उम्मीदों को करारा झटका लगा।
PSL 2025 अब सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, पाकिस्तान क्रिकेट की बदहाली की कहानी बन गया है। भारत से टकराव की कीमत सिर्फ कूटनीतिक नहीं, क्रिकेट की जमीन पर भी पाकिस्तान को चुकानी पड़ रही है- और यह कीमत दिन-ब-दिन और भारी होती जा रही है।












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